श्रीडूंगरगढ़, 4 अक्टूबर, 2025। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे के ताल मैदान स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शनिवार का दिन साइबर सुरक्षा जागरूकता के नाम रहा। विद्यालय के यूथ एवं इको क्लब ने संयुक्त रूप से ‘साइबर थ्रेड्स सिक्योरिटी अवेयरनेस एंड साइबर हाइजीन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया।
इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उनसे बचाव के तरीके बताना था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग (CDAC) के मनोनीत साइबर एम्बेसडर एवं शिक्षा निदेशालय के पूर्व सहायक निदेशक पल्लव मुखर्जी ने भाग लिया।
पल्लव मुखर्जी ने अपने संबोधन में फिशिंग, पहचान चोरी, रैंसमवेयर, मालवेयर और साइबर जासूसी जैसे विभिन्न साइबर खतरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साइबर अपराध की कोई सीमा नहीं होती और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस युग में डिजिटल पहचान और तस्वीरों को सुरक्षित रखना कितना चुनौतीपूर्ण है।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अनजान लिंक्स पर क्लिक करने से बचना चाहिए, मजबूत पासवर्ड बनाने चाहिए, सोशल मीडिया पर निजी तस्वीरें डालने से परहेज करना चाहिए और ऑनलाइन लेन-देन करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने साइबर ठगी के कुछ उदाहरण वीडियो के माध्यम से दिखाए और यह भी बताया कि ऐसी घटना होने पर घबराने की बजाय साइबर हेल्पलाइन और पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने डिजिटल अरेस्टिंग जैसी किसी भी व्यवस्था के वर्तमान में लागू न होने की बात स्पष्ट करते हुए जागरूकता को ही सबसे बड़ा बचाव बताया।
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर (NIC) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में यूथ एवं इको क्लब के प्रभारी डॉ. राधाकिशन सोनी ने भी विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पल्लव मुखर्जी को अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
उप-प्राचार्य बालाराम मेघवाल, दीपक चौधरी, सोमेंद्र बैंस, विमला, भंवरलाल स्वामी, शुभकरण बिस्सू, सुखाराम रैगर, पंकज गौड़, केशव आसोपा सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ ने इस कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यशाला में कुल 315 विद्यार्थियों ने भाग लेकर साइबर सुरक्षा के प्रति अपनी जागरूकता का परिचय दिया।