कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और स्थानीय विधायक ताराचंद सारस्वत ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इस नवनिर्मित केंद्र का उद्घाटन किया। लगभग आठ महीनों में बनकर तैयार हुए इस जीएसएस के निर्माण में लगभग 2.50 करोड़ रुपये की लागत आई है।
इस अवसर पर बोलते हुए, केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा कि भाजपा सरकार गाँवों में विकास के नए अध्याय लिख रही है। विधायक सारस्वत ने इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए एलएनटी कंपनी के प्रयासों की सराहना की, जिसका भूमि पूजन फरवरी में ही किया गया था।
ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक इस अवसर पर अपनी बात रखी और क्षेत्र के विकास के लिए अपनी अपेक्षाएं व्यक्त कीं। उन्होंने सांसद और विधायक से आग्रह किया कि गांव में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि उनका गांव हमेशा भाजपा के साथ रहा है।
ग्रामीणों ने सांसद से भोजास से बेनीसर रेलवे स्टेशन तक डामर सड़क बनवाने, बेनीसर स्टेशन का नाम बेनीसर भोजास करवाने, प्लेटफार्म नंबर एक से दो पर जाने के लिए पुल बनवाने, भोजास से बेनीसर के बीच अंडरब्रिज की चौड़ाई बढ़ाने और श्मशान भूमि में हॉल निर्माण कराने की मांग रखी।
विधायक से ग्रामीणों ने जीएसएस पर एक और ट्रांसफार्मर लगाने, नया ट्यूबवेल स्वीकृत कराने, गांव की गलियों में नालियों के साथ सड़क बनवाने, भोजास से हेमासर और पुदंलसर के बीच सड़क बनवाने, गोचर भूमि को सुरक्षित करने, बस स्टैंड पर टिन शेड और टाइल्स लगवाने, और गौशाला का अनुदान समय पर दिलवाने का आग्रह किया।
सांसद मेघवाल ने अपनी ओर से तत्काल गांव की श्मशान भूमि की चारदीवारी के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।
कार्यक्रम में विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, ओबीसी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष चंपालाल गेदर, जिलाध्यक्ष विनोदगिरी गुसाईं, वरिष्ठ भाजपा नेता किसनाराम गोदारा, पूर्व पालिकाध्यक्ष रामेश्वरलाल पारीक, उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा और युवा नेता मांगीलाल गोदारा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर मोहनसिंह, जोरावरसिंह, भगवानसिंह, बजरंगदास स्वामी, मालसिंह, करणीसिंह और लालसिंह सहित कई प्रतिष्ठित ग्रामीण भी मौजूद रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। बेनीसर के सरपंच प्रतिनिधि बीरबल गोदारा, उपसरपंच प्रतिनिधि कुंभाराम मेघवाल और पूर्व सरपंच श्रवणराम मेघवाल सहित कई वार्ड पंचों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कुल मिलाकर, यह आयोजन गांव के विकास के प्रति एक नई उम्मीद और उत्साह का प्रतीक था। ग्रामीण अब आशा कर रहे हैं कि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाएगा और गांव में विकास की गति और तेज होगी।