8 नवंबर, 2025। श्रीडूंगरगढ़।
सड़कों पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने सरकार और प्रशासन को चिंतित कर दिया है। जयपुर से लेकर गांवों तक, हर स्तर पर इस समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट में वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें सड़क सुरक्षा को लेकर कई फैसले लिए गए।
इसी क्रम में, श्रीडूंगरगढ़ पुलिस और सीकर-बीकानेर नेशनल हाईवे लिमिटेड ने संयुक्त रूप से लखासर टोल प्लाजा पर एक विशेष शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का उद्देश्य वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।
शिविर में श्रीडूंगरगढ़ नेत्र चिकित्सालय की टीम ने अपनी सेवाएं दी। नेत्र चिकित्सक सुनील गोयल, नेत्र सहायिका दीपमाला शर्मा, मधु कुमारी, और पदमचंद ने मिलकर वाहन चालकों की आंखों की जांच की। पुलिस ने सुनिश्चित किया कि बड़े वाहनों के चालक अनिवार्य रूप से अपनी आंखों की जांच करवाएं।
कुल 67 वाहन चालकों की आंखों की जांच की गई, जिनमें से कुछ को नजर में कमी पाई गई। चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत चश्मे लगाने की सलाह दी। पुलिस सीओ निकेत कुमार और सीआई जितेन्द्र कुमार भी शिविर में उपस्थित रहे और उन्होंने वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और लापरवाही से बचने की सलाह दी।
शिविर के दौरान, ट्रक जैसे बड़े वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर लगाए गए, ताकि रात में उनकी दृश्यता बढ़ाई जा सके। इसके साथ ही, सड़क पर घूमने वाली निराश्रित गायों के गले में रेडियम पट्टियां भी बांधी गईं, ताकि अंधेरे में उन्हें आसानी से देखा जा सके और दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।
लखासर टोल प्लाजा के कार्मिक सुनील सिंह, राजेश सिंह, और कौशल सिंह ने भी शिविर को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
इस तरह, श्रीडूंगरगढ़ में सड़क सुरक्षा को लेकर एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य दुर्घटनाओं को कम करना और सड़कों को सुरक्षित बनाना है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन प्रयासों से सड़क सुरक्षा की स्थिति में कितना सुधार होता है।