श्रीडूंगरगढ़, 9 नवंबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ के बिग्गाबास में एक ज़मीन को लेकर विवाद गहरा गया है। पन्नाराम रेगर नामक एक व्यक्ति ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने आरिफ बहेलिया, रतनसिंह, शिवनारायण, आमीन और कुछ अन्य लोगों पर उनकी ज़मीन पर जबरन कब्जा करने और विरोध करने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है।
थानाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पन्नाराम ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनका परिवार पिछले पचास वर्षों से सरदारशहर रोड पर एक ही बाउंड्री में मकान बनाकर रह रहा है। हाल ही में, प्रशासन ने परिवार से सड़क के लिए 100 फुट ज़मीन छोड़ने का आग्रह किया था। परिवार ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए अपनी चारदीवारी को पीछे हटाकर सड़क के लिए ज़मीन छोड़ दी थी।
पन्नाराम का आरोप है कि कुछ लोगों ने उनकी छोड़ी हुई ज़मीन पर कब्जा करने की कोशिश की, जिसका उनके परिवार ने विरोध किया। इस दौरान, नगरपालिका ने उनके 3 मार्च 1997 के पट्टे को विचाराधीन बताया है।
परिवादी के अनुसार, आरोपियों ने 1 मई 2025 को उनकी छोड़ी हुई ज़मीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। 3 मई 2025 को जब पन्नाराम बीकानेर से लौटे, तो आरोपियों ने उनसे ज़मीन का पट्टा बनवा लेने की बात कही और उनके साथ, उनके बेटे मुकेश और पत्नी मंजूदेवी के साथ मारपीट की। शिकायत में जातिसूचक गालियां देने और महिला के साथ बदतमीजी करने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच श्रीडूंगरगढ़ के सीओ को सौंप दी है। यह घटना ज़मीन के स्वामित्व और उपयोग को लेकर समुदायों के बीच तनाव को उजागर करती है, और स्थानीय प्रशासन के लिए एक संवेदनशील चुनौती प्रस्तुत करती है। अब देखना यह है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस विवाद का समाधान कैसे होता है।