आज श्रीडूंगरगढ़ में दिन विविध रंगों में रंगा रहा। एक तरफ सहकारी कर्मचारियों का अपनी मांगों को लेकर संघर्ष मुखर हुआ, तो दूसरी तरफ आस्था का रंग देशनोक की ओर बढ़ते पदयात्रियों के कदमों में दिखा। वहीं, गौशाला में सेवा और समर्पण का भाव उमड़ता नज़र आया।
राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की जिला इकाई के तत्वावधान में आज व्यवस्थापकों ने धरना प्रदर्शन कर अपने संघर्ष को और मजबूत किया। मानो एकजुटता का शंखनाद करते हुए, जिले भर से आए व्यवस्थापक श्रीडूंगरगढ़ में एकत्रित हुए। समिति के जिला उपाध्यक्ष रामनिवास नैण ने बताया कि जिला संयोजक राकेश सारण और पुंजराज सिंह सोढ़ा के नेतृत्व में सदस्यों ने अपनी मांगों के लिए आवाज बुलंद की।
अध्यक्ष राकेश सारण ने राज्य और केंद्र सरकार से लंबित ब्याज समितियों को देने, स्क्रीनिंग प्रक्रिया को पूरा करने, व्यवस्थापकों को पदोन्नति का लाभ देने, वेतन संबंधी कैडर व्यवस्था लागू करने और ऋण पर्यवेक्षकों के रिक्त पदों पर व्यवस्थापकों की भर्ती करने जैसी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया। सदस्यों ने सरकार से इन मांगों पर ध्यान देने और सुनवाई करने का आग्रह किया।
आज क्षेत्र के गांव डेलवां से जयकारों के साथ देशनोक पैदल यात्री संघ रवाना हुआ। एक जैसी गणवेश पहने, श्रद्धा से सराबोर संघ के सदस्यों ने गांव के मंदिर में पूजन किया। लाल ध्वजा लेकर जब यात्री देशनोक की ओर बढ़े, तो ग्रामीणों ने उन्हें मंगलकामनाएं दीं। संघ में सहीराम डेलू, रामनिवास डेलू, हेतराम, राजू, शीशपाल, मुखराम सहित कई युवा शामिल हैं। यात्रियों ने बताया कि वे मां करणी के जन्मोत्सव सप्तमी पर देशनोक पहुंचकर मां के दरबार में धोक लगाएंगे। उनके कदमों में आस्था की अटूट शक्ति और मन में मां करणी के दर्शन की उत्कंठा साफ़ झलक रही थी।
श्रीकरणी गौसेवा समिति गौशाला, कोटासर में आज भौतिक सत्यापन किया गया। पंचायत समिति विकास अधिकारी मनोज कुमार धायल, डॉक्टर आशीष तंवर और डॉक्टर सुनील बोधिया की टीम ने गौशाला का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सभी कागजात और पशु गणना को दुरुस्त पाया। टीम ने गौशाला में गौवंश के लिए मेडिकल स्टोर, चारे का प्रबंध, पौष्टिक आहार, पीने का पानी, संपूर्ण छाया, और बड़े टेंट कूलर जैसी व्यवस्थाओं को देखकर प्रबंधन की सराहना की।
इस दौरान गौशाला समिति के प्रबंधक अगरसिंह, सरपंच प्रतिनिधि शेरसिंह सहित समिति सदस्य मौजूद रहे। सूरत के रामप्रताप गोदारा पीपासरिया ने अपने जन्मदिन पर गौवंश को गुड़ खिलाया, वहीं बैंगलोर के दिनेश कुमार छाजेड़ ने मूंग चूरी का भंडारा गौवंश को भोग लगाया। नवरात्र पर्व पर हनुमानगढ़ के देवेंद्र कुमार ने गौवंश के लिए भंडारे का आयोजन किया। समिति ने सभी दानदाताओं का आभार व्यक्त किया। यह गौशाला न केवल पशुओं का आश्रय है, बल्कि सेवा और करुणा का एक जीवंत उदाहरण भी है।