श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में इन दिनों भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। जहाँ एक ओर उदरासर से वीर बिग्गाजी के भक्तों का जत्था पैदल ही अपने आराध्य के धाम की ओर निकल पड़ा है, वहीं दूसरी ओर पूनरासर के द्वारकाधीश के दर्शनों के लिए भी श्रद्धालु तैयारियाँ कर रहे हैं।
उदरासर में आज सुबह का नज़ारा देखते ही बनता था। गाँव के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हुए थे, सबके मन में श्रद्धा और उत्साह का भाव था। प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी वीर बिग्गाजी के भक्तों का पैदल संघ सवा नौ बजे जयकारों के साथ रवाना हुआ। संघ के व्यवस्थापक ओमप्रकाश जाखड़ ने बताया कि पदयात्री दिनभर पैदल चलकर शाम को वीर बिग्गाजी मंदिर पहुँचेंगे और वहाँ धोक लगाकर अपनी मनोकामनाएँ अर्पित करेंगे। शाम को मंदिर परिसर में एक जागरण का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें भक्तजन पूरी रात भक्ति के सागर में गोते लगाएंगे। परमाराम जाखड़, सोहनराम, सांवताराम, पेमाराम, मांगीलाल, मालाराम शर्मा और दिलीप शर्मा जैसे गणमान्य लोगों ने पदयात्रियों को शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा मंगलमय हो, ऐसी कामना की।
वहीं, कालू बास में भी भक्ति का रंग चढ़ने लगा है। बोथरा कुआं स्थित हनुमान मंदिर से 6 अक्टूबर को दोपहर सवा दो बजे द्वारकाधीश पूनरासर पैदल यात्री संघ रवाना होगा। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी और फिर गाजे-बाजे के साथ, बाबा के जयकारों के बीच संघ अपनी यात्रा शुरू करेगा। यह संघ इस बार दूसरी बार पूनरासर जा रहा है और सदस्य यात्रा की तैयारियों में जी-जान से जुटे हुए हैं। जो भी श्रद्धालु इस संघ में शामिल होना चाहते हैं, वे 9529097200 या 9588032012 पर संपर्क कर सकते हैं।
इन पदयात्राओं में शामिल होने वाले हर व्यक्ति के मन में एक ही भावना है – अपने आराध्य के प्रति अटूट विश्वास और भक्ति। यह न केवल एक धार्मिक यात्रा है, बल्कि एक ऐसा अवसर भी है जहाँ लोग एक साथ आते हैं, एक दूसरे का साथ देते हैं और सामुदायिक भावना को मजबूत करते हैं। नि:संदेह, ऐसी यात्राएं समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश फैलाती हैं।