संघ के अध्यक्ष जतन पारख और मंत्री महावीर सोनी ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य परदेस में रह रहे परिवारों को एक-दूसरे का सहारा बनना और एकजुट होकर रहना है। उनका कहना है कि यह आयोजन गाँव से दूर रहने वाले लोगों को एक मंच पर लाएगा, जहाँ वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रख सकेंगे।
इस सम्मेलन की एक खास बात यह है कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बागडोर नवगठित “श्रीडूंगरगढ़ महिला मंच” के हाथों में होगी। मंच की सदस्याएं सरोज झंवर, दिव्या बिहानी, प्रीति सिंघी, रेखा गट्टानी, लता चौधरी व अंजू नाढानी बच्चों, युवाओं और महिलाओं को सांस्कृतिक प्रस्तुति देने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
कार्यक्रम के संयोजक कैलाश बिहाणी और पवन चांडक ने बताया कि सम्मेलन में श्रीडूंगरगढ़ के सभी प्रवासी परिवार और बहू-बेटियां शामिल हो सकती हैं। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए 56 से अधिक अर्थ सहयोगियों ने अपना योगदान दिया है, और सहयोग का क्रम अभी भी जारी है।
बिहाणी के अनुसार, यह सामूहिक उत्सव हर प्रवासी को दीपोत्सव के पर्व पर अपनेपन से सराबोर कर देगा। “अपना प्रोग्राम अपने द्वारा” की थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में सभी को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
श्रीडूंगरगढ़ नागरिक संघ के पदाधिकारियों ने कोलकाता में रहने वाले सभी श्रीडूंगरगढ़ निवासियों से इस सम्मेलन में शामिल होने का आग्रह किया है, ताकि वे सब मिलकर दीपावली की खुशियों को साझा कर सकें और एक-दूसरे के साथ अपने संबंधों को मजबूत बना सकें। अधिक जानकारी के लिए कैलाश बिहाणी से 87774 59272 पर संपर्क किया जा सकता है।