यह मामला 30 मार्च, 2025 का है, जब श्रीडूंगरगढ़ थाने के एसआई मोहनलाल ने एक कार्रवाई में 74 प्लास्टिक के कट्टों में भारी मात्रा में डोडा पोस्त बरामद किया था। कुल बरामदगी 10 क्विंटल 65 किलोग्राम 926 ग्राम की थी। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। इस सिलसिले में बजरंगलाल पुत्र निराणाराम, निवासी कितासर भाटियान को आरोपी बनाया गया था।
आरोपी बजरंगलाल ने पहले भी जमानत के लिए अर्जी दी थी, जो खारिज हो गई थी। इसके बाद उसने एक बार फिर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने दोनों पक्षों की बातों को ध्यान से सुना। अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने आरोपी की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) सरिता नौशाद ने मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिया कि इस तरह के अपराध समाज पर क्या प्रभाव डालते हैं। इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद, न्यायालय ने आरोपी बजरंगलाल की दूसरी जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया।
न्यायालय का यह फैसला दिखाता है कि मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों को लेकर न्यायपालिका कितनी गंभीर है। यह फैसला समाज में एक संदेश भी देता है कि इस तरह की गतिविधियों में लिप्त लोगों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।