होली से पहले सिंघी परिवार को मिली खुशियां, हर्ष बने सीए।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। रविवार शाम इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने सीए फाइनल जनवरी 2026 परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। यह परीक्षा चार्टर्ड अकाउंटेंसी कोर्स का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। होली से पहले परिणाम जारी होने से अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। श्रीडूंगरगढ़ के जयंता प्रकाश सिंघी के पुत्र 22 वर्षीय हर्ष सिंघी ने इस परीक्षा में सफलता हासिल की है। सिंघी परिवार में त्योंहार की खुशियां दुगुनी हो गई है। वहीं मित्र व जानकार उन्हें बधाइयां दे रहें है।
झूंड से बिछड़े मृग को बचाया कुत्तों से, सौंपा वन विभाग को।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। क्षेत्र में जीव रक्षा व जीव प्रेम के उदाहरण अनुकरणीय है। श्रीडूंगरगढ़ की रोही में एक मृग बच्चा झूंड से बिछड़ गया। वह आबादी के निकट आ गया और कुत्तों की भेंट चढ़ने ही वाला था। तभी मौके पर पहुंचे जीवप्रेमी लेखनाथ सिद्ध, हनुमान सिद्ध व बेगराज शर्मा ने इस बच्चे को कुत्तों से बचा लिया। युवकों ने इसकी सुरक्षा करते हुए इसे वन विभाग पहुंचा कर विभाग को सौंप दिया।
लिखमादेसर के सरकारी स्कूल में मनाया प्रताप राज्यारोहण दिवस।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। लिखमादेसर के राउमावि में शनिवार सुबह प्रार्थना सभा के दौरान महाराणा प्रताप की गौरवगाथा, त्याग, व समर्पण को स्मरण करते हुए राज्यारोहण दिवस का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य लक्ष्मीकांत वर्मा की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों व शिक्षक गणों द्वारा अनेक प्रस्तुतियां दी गयी। विद्यालय उत्सव प्रभारी व्याख्याता भगवती ने बताया कि इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कविता, प्रेरक प्रसंग व चित्रों के माध्यम से प्रताप के अवदान को याद किया। कक्षा 4 से डाली ने ‘तलवार ही पहचान बन गयी’ रेखा व कमला ने ‘अकबर भी फूट-फूट रोया था’ कक्षा 5 की राधिका व नकिता ने प्रताप का जीवन परिचय प्रस्तुत किया। कक्षा 6 की रचना ने ‘चेतक बन गया निराला था’ सरस्वती ने ‘राणा तेरा नाम अमर है’ आदि कविताओं की प्रस्तुति दी। कक्षा 11 की छात्रा भावना ने प्रताप की शौर्यगाथाओं से रुबरु करवाया। इसी बीच अध्यापक छोटेलाल ने ‘नीले घोड़े रा असवार’ गीत व ‘शुरो मेवाड़ी महाराणा प्रताप कठै’ नामक धमाल की प्रस्तुति दी। इतिहास व्याख्याता मन्नी ने ‘मायड़ थारो वो पूत कठै’ गीत से सबका मन मोह लिया। सोनू, राधिका, हरिकिशन, आस्था, जगदम्बा व जितेंद्र आदि ने प्रताप व चेतक से सम्बंधित अनेक चित्र बनाए। इस अवसर पर अभिभावक देवाराम ज्याणी का सानिध्य प्राप्त हुआ। अन्त में प्रधानाचार्य द्वारा अध्यक्षीय उद्बोधन व प्रस्तुति देने वालों को पुरस्कृत किया गया।