यह सम्मान, श्री पुगलिया के संगठन के प्रति समर्पण और सेवाभाव का प्रतीक है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश डागा ने इस अवसर पर कहा कि प्रदीप पुगलिया ने संगठन के आदर्शों को पूरी गरिमा और उत्साह के साथ आगे बढ़ाया है। उन्होंने सेवा, अनुशासन और युवा सशक्तिकरण के मिशन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी निष्ठा और परिश्रम संगठन के लिए प्रेरणादायक हैं।
राष्ट्रीय महामंत्री अमित नाहटा ने इस सम्मान को केवल आभार का प्रतीक ही नहीं, बल्कि उत्कृष्टता की निरंतर प्रेरणा देने वाला एक प्रकाश स्तंभ बताया।
पिछले सत्र (2023-25) के दौरान अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद ने प्रदीप पुगलिया को राजस्थान राज्य सहयोगी के रूप में नियुक्त किया था। इसके साथ ही उन्हें संस्कारक प्रशिक्षण एवं निर्माण कार्यशाला का संयोजक भी बनाया गया था। उन्होंने संस्कारक प्रोफाइल डेटा अपडेट का कार्य सबसे पहले पूरा कर परिषद की तकनीकी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सूत्रों के अनुसार, इस पहल से परिषद के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता आई है।
श्री पुगलिया ने श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में जैन संस्कार विधि के कई कार्यक्रमों का सफल संचालन किया है। उनके इस योगदान को पहले भी सराहा गया है और उन्हें ‘स्टार परफॉर्मर संस्कारक’ के रूप में सम्मानित किया जा चुका है।
सम्मान मिलने के बाद प्रदीप पुगलिया ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “यह सब आचार्य महाश्रमण की कृपा और संगठन के सहयोग से संभव हुआ है। मैं आगे भी पूरी कर्मठता और सजगता के साथ अपने दायित्व निभाने का प्रयास करूंगा।”
प्रदीप पुगलिया के इस सम्मान से श्रीडूंगरगढ़ में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से, फोन पर और संदेशों के माध्यम से बधाई दी। यह सम्मान, निश्चित रूप से, श्रीडूंगरगढ़ के युवाओं को सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करेगा।