श्रीडूंगरगढ़, 5 नवंबर 2025: राजस्थान की माटी में भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा, जब गांव कल्याणसर नया में श्रीजसनाथजी पीड़ाग्रस्त गौशाला समिति के प्रांगण में गौकृपा कथा का भव्य आयोजन होगा। 7 नवंबर 2025, शुक्रवार से प्रारंभ होने वाली इस कथा को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है।
कल्याणसर नया, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौ सेवा के प्रति समर्पण के लिए जाना जाता है, इन दिनों कथा की तैयारियों में डूबा हुआ है। गौशाला समिति के सदस्य और ग्रामीण दिन-रात एक कर इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।
बुधवार को समिति के सदस्यों ने गौशाला में चल रही तैयारियों का जायजा लिया और आगामी सात दिनों के कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की। यह निर्णय लिया गया कि 7 नवंबर से 13 नवंबर तक, प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक गौकृपा कथा का वाचन किया जाएगा।
कथा का शुभारंभ 7 नवंबर को सुबह 10 बजे एक भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। यह यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल पर पहुंचेगी, जहां विधि-विधान से कलश स्थापित किया जाएगा।
आयोजकों का मानना है कि इस कथा में कल्याणसर नया के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। गौकृपा कथा, न केवल आध्यात्मिक ज्ञान का स्रोत होगी, बल्कि यह गौ सेवा के महत्व को भी उजागर करेगी।
बुधवार को गौशाला प्रांगण में गांव के कई गणमान्य व्यक्तियों ने तैयारियों का निरीक्षण किया। मालाराम गोदारा, गोपीराम गोदारा, कानाराम गोदारा, हंसराज नाई, सोहनलाल गोदारा, भैराराम नाई, नानकराम, लिछमणराम लखारा, संतोष सोनी, रामरख, हनुमान गोदारा, और रामदेव जैसे प्रतिष्ठित ग्रामीणों ने आयोजन की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।
गौकृपा कथा, कल्याणसर नया के लोगों के लिए एक अवसर है, जहां वे एक साथ आकर अपनी संस्कृति और परंपराओं को मनाते हैं, और गौ सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। यह आयोजन निस्संदेह क्षेत्र में भक्ति, सेवा और सामुदायिक भावना को और अधिक प्रगाढ़ करेगा।