मोहनलाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी बेटी का रिश्ता तय हो चुका था और परिवार विवाह की तिथि तय करने की तैयारियों में जुटा था। रात के 11-12 बजे तक सब कुछ सामान्य था, हंसी-खुशी का माहौल था। फिर सब सो गए। सुबह करीब साढ़े चार बजे जब मोहनलाल की पत्नी उठीं, तो उन्होंने पाया कि कविता घर पर नहीं है।
बेटी को गायब पाकर पिता के मन में आशंकाओं का बादल उमड़ आया। उन्होंने मोहल्ले में ही रहने वाले राहुल वाल्मीकि पर संदेह जताया है। मोहनलाल का कहना है कि राहुल अक्सर कविता को तंग करता था और उसके घर के आसपास चक्कर लगाता था। उन्होंने कई बार राहुल को टोका भी था। हैरानी की बात यह है कि राहुल भी अपने घर पर नहीं है।
थानाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले की जांच हैड कांस्टेबल देवाराम को सौंप दी गई है। अब देखना यह है कि यह गुमशुदगी एक प्रेम कहानी का दुखद अंत है, या फिर कोई और अनहोनी छिपी है। पुलिस हर पहलू से मामले की छानबीन कर रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है, और हर कोई कविता की सलामती की दुआ कर रहा है।