श्रीडूंगरगढ़, 27 अगस्त 2025। आज, श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र गणेशोत्सव के रंग में डूबा रहा। हर तरफ भक्ति और उल्लास का माहौल था। घरों और मंदिरों में गणपति बप्पा की स्थापना के साथ ही, दस दिवसीय उत्सव का शुभारंभ हो गया।
शहर के वार्ड 23 में जय गणेश मित्र मंडल द्वारा आयोजित चौथे गणेश महोत्सव का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मंडल ने बड़े ही विधि-विधान से गणेश जी की मूर्ति स्थापित की। आड़सर बास स्थित राम मंदिर से, ढोल-नगाड़ों और भक्तिमय संगीत के साथ गणेश जी की शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
मूर्ति स्थापना के अवसर पर आयोजित विशेष पूजा में मंडल के अध्यक्ष रामचंद्र छापोला अपनी पत्नी के साथ मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे। मोहल्ले के निवासियों ने बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा अर्चना की। “गणपति बप्पा मोरिया” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। आरती में भी भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
उधर, बिग्गाबास में पानी की टंकी के पास स्थित श्रीगणेश मंदिर में भी भगवान गणेश का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर प्रांगण में एक भव्य पंचकुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके साथ ही, गणेश चतुर्थी की कथा का पाठ हुआ और सवामणी का आयोजन भी संपन्न हुआ।
पंडित गिरधारी गोपाल छंगाणी ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर में आकर भगवान गणेश के दर्शन किए और अपनी मन्नतें मांगी। ऐसा माना जाता है कि गणेश चतुर्थी के दिन सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
इन सब आयोजनों के साथ ही, श्रीडूंगरगढ़ के घरों में भी गणेश स्थापना की गई है। अगले दस दिनों तक, श्रद्धालु भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। गणेशोत्सव, निश्चित रूप से, श्रीडूंगरगढ़ में आस्था, उल्लास और सामुदायिक भावना का एक अनूठा संगम है।