WhatsApp Menu
बिजली विभाग से जुड़ी दो खास अपडेट जरूर पढें एकसाथ  |  रिड़ी- ऊपनी लाइन के रखरखाव के चलते 19 मार्च को 3 घंटे बिजली रहेगी बंद  |  दिल्ली पहुंचे सिद्ध ने की केंद्रीय मंत्री व पदाधिकारियों से मुलाकात, हुई संगठनात्मक चर्चा  |  21 मार्च की शाम निकलेगी गणगौर की भव्य सवारी, 22 मार्च की सुबह होंगे फैरे, मिलेंगें अनेकों पुरस्कार  |  महिला को घसीट कर घर से निकाला, मकान पर कब्जा करने के आरोप में मामला दर्ज  | 

विक्रय पत्र निरस्तीकरण का दावा खारिज, प्रतिवादिनी के पक्ष में फैसला

डूंगरगढ़, 27 नवंबर, 2025। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सरिता नौशाद की अदालत ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए माली देवी और रामेश्वर जाट द्वारा दायर उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने खेत के विक्रय पत्र को निरस्त करने की मांग की थी। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि वादीगण अपने आरोपों को सिद्ध करने में असफल रहे हैं, जिसके चलते विवादित विक्रय पत्र को सही और वैध माना जाता है।

मामले की पृष्ठभूमि कुछ इस प्रकार है कि धोलिया निवासी माली देवी और रामेश्वर जाट ने मोहनीदेवी पुरोहित के खिलाफ अदालत में दावा दायर किया था। उनका आरोप था कि मोहनीदेवी पुरोहित ने 3 जनवरी, 2007 को उनके पति/पिता खेताराम जाट से धोखे से खसरा नंबर 174, तादादी 5.99 हेक्टेयर (रोही उदरासर) की भूमि का रजिस्टर्ड विक्रय पत्र तैयार करवा लिया था।

इस मामले में अदालत में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क और साक्ष्य प्रस्तुत किए। वादी पक्ष की ओर से पांच गवाह पेश किए गए, जबकि प्रतिवादी पक्ष की ओर से तीन गवाहों ने बयान दर्ज कराए। साथ ही, दोनों पक्षों ने दस्तावेजी साक्ष्य भी अदालत के समक्ष रखे।

प्रतिवादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहनलाल सोनी और उनकी सहयोगी अधिवक्ता दीपिका करनाणी ने अदालत में विक्रय पत्र को पूरी तरह से वैध बताते हुए अपने तर्क प्रस्तुत किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विक्रय पत्र में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है और यह कानून के अनुसार सही तरीके से तैयार किया गया है।

सभी तर्कों और साक्ष्यों पर गहराई से विचार करने के बाद, अदालत ने वादीगण के दावे को खारिज कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि प्रस्तुत विक्रय पत्र पूरी तरह से विधि सम्मत है और इसे निरस्त करने का कोई भी आधार नहीं बनता है। परिणामस्वरूप, अदालत ने मोहनीदेवी पुरोहित के पक्ष में निर्णय सुनाया। इस फैसले के साथ ही खेत के विक्रय पत्र को लेकर चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

home होम layers मोबाइल नंबर mic ऑडियोज़ smart_display शॉर्ट्स theaters शोज़