कोई पेट पालने की आस में पहुंचा, तो कोई नंगे पांव ही दौड़ पड़ा। कोई पैदल चलकर आया, तो कोई नाचते-गाते पहुंचा। हाथों में निशान लिए, अनेकों दल के दल लोकदेवता वीर बिग्गाजी के चरणों में शीश नवाने उमड़ पड़े। पदयात्रियों और जातरुओं के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठे।
बिग्गा में सुबह विशेष पूजा-अर्चना के साथ मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। देखते ही देखते बड़ी संख्या में जातरू यहां पहुंचने लगे। मेले में ग्रामीण जीवन से जुड़ी वस्तुओं की अस्थाई दुकानें सजी हैं, जो आगंतुकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। आज रात बिग्गा मंदिर में विशाल जागरण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अर्चना देवी एंड पार्टी बापेऊ अपनी भजनों की प्रस्तुतियों से समां बांधेंगी। वीर बिग्गाजी मानव सेवा संस्थान, बिग्गा के कार्यकर्ता मेले की व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
वहीं, रीड़ी गांव स्थित मंदिर में भी सुबह से शाम तक सैकड़ों श्रद्धालुओं ने धोक लगाई और वीर बिग्गाजी के दर्शन कर अपनी मन्नतें मांगी। मंदिर प्रांगण में आज शाम भव्य जागरण का आयोजन होगा, जिसमें भजन गायक अनिल सैन, दौलत गर्वा, पूजा जांगिड़ और तुलसीराम बोड़वा अपनी मधुर वाणी से भक्ति रस घोलेंगे। प्रसिद्ध नृत्य कलाकार विक्की चौधरी, मनीषा जाखड़, ममता भारती और खुशी चौधरी भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। झांकी ग्रुप द्वारा वीर बिग्गाजी महाराज की मनमोहक झांकी सजाई जाएगी। अनुमान है कि दोनों ही मंदिरों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु जागरण में शामिल होंगे।
शनिवार को तहसीलदार श्रीवर्द्धन शर्मा ने बिग्गा और रीड़ी के मंदिरों का दौरा किया और मेला आयोजन समिति के कार्यकर्ताओं को व्यवस्था संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह मेला, वीर बिग्गाजी महाराज के प्रति लोगों की अटूट आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, जो हर साल उन्हें एक सूत्र में बांधता है।