श्रीडूंगरगढ़, 23 अगस्त 2025। रेगिस्तान की तपती धूप और आस्था का अटूट बंधन। हर साल की तरह इस बार भी श्रीडूंगरगढ़ अंचल से बाबा रामदेव के दर्शन के लिए रूणिचा जाने वाले पदयात्रियों का जत्था रवाना हो चुका है। पैरों में छाले और दिल में बाबा के नाम की मुहर, यही है इन यात्रियों की पहचान।
इस विशाल यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सेवा और सुविधा के लिए शनिवार को श्रीडूंगरगढ़ के बाबा रामदेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के प्रांगण में प्रार्थना और मंत्रोच्चार के बाद एक सेवा दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
यह सेवा दल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हर संभव सहायता प्रदान करेगा। दल के सदस्य मेडिकल सहायता, शीतल जल, स्वादिष्ट शरबत, नींबू पानी और फलों की व्यवस्था करेंगे, ताकि लंबी यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को परेशानी न हो।
इंसानों के साथ-साथ बेजुबान प्राणियों का भी इस दल ने पूरा ध्यान रखा है। पंछियों के लिए चुग्गा और चींटियों के लिए दो क्विंटल आटे का पंचमेवा भी साथ ले जाया गया है। यह दल जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और दया का प्रतीक है।
इस सेवा दल में तिलोक सुथार, परमेश्वर सोनी बिग्गा, कमल सोनी और गिरधारी बिग्गा जैसे समर्पित स्वयंसेवक शामिल हैं। ये सभी यात्री मार्ग पर तत्पर रहकर सेवा करेंगे।
किसी भी प्रकार की सहायता के लिए यात्री 9413074077 या 9680484625 पर संपर्क कर सकते हैं। यह सेवा दल निस्वार्थ भाव से श्रद्धालुओं की सेवा में समर्पित है, जो इस यात्रा को और भी यादगार बना देगा।