विद्यालयों के प्राचार्यों ने मौलाना आज़ाद के शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए, विद्यार्थियों को बताया कि 11 नवंबर का दिन शिक्षा के महत्व को रेखांकित करने का दिन है। इस अवसर पर, उन्होंने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया।
प्राचार्यों ने विद्यार्थियों को बताया कि कैसे नशा युवाओं को अंधेरे भविष्य की ओर धकेल सकता है, और उनसे आग्रह किया कि वे नशे से दूर रहें। विद्यार्थियों ने भी इस बात को समझा और तंबाकू का सेवन न करने, अपने आसपास और परिवार में तंबाकू के खिलाफ जागरूकता फैलाने और पर्यावरण की रक्षा करने की शपथ ली।
अंचल के लगभग एक दर्जन विद्यालयों से आई तस्वीरों में युवाओं को शपथ लेते हुए देखा जा सकता है, जो इस बात का प्रतीक है कि युवा पीढ़ी एक स्वस्थ और जागरूक भविष्य की ओर अग्रसर है। यह दृश्य निश्चित रूप से आशा जगाता है और सोचने पर मजबूर करता है कि कैसे शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से हम अपने युवाओं को बेहतर भविष्य दे सकते हैं।