WhatsApp Menu
भाजपा प्रदेश महामंत्री व जिलाध्यक्ष पहुंचे श्रीडूंगरगढ़, 51 किलो की फुलमाला से किया अभिनदंन, संगठन में निष्ठा पूर्वक सेवा देने की प्रेरणा दी।  |  गणगौर उत्सव संपन्न, गीतों के साथ हुए फेरे, विजेता हुए पुरस्कृत, घरों में हुए पूजन।  |  श्रीडूंगरगढ़ अंचल से पढें खास आयोजनों की तीन खबरें:-  |  दो बच्चों सहित महिला को भगा ले जाने के आरोप में एक नामजद के खिलाफ मामला दर्ज, पढें पूरी खबर।  |  22 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।  | 

राजस्थान में सड़क हादसों पर सरकार सख्त: अब 45 साल से ज्यादा उम्र वाले ड्राइवरों की होगी आंखों की जांच, 7 विभाग मिलकर चलाएंगे 15 दिन का अभियान

राजस्थान की धरा पर सड़कों का रक्त-रंजित होना मानो एक क्रूर नियति बन गया है। लगातार हो रहे सड़क हादसों और उनमें असमय काल के गाल में समाते लोगों की चीखों ने सरकार को झकझोर कर रख दिया है। हरमाड़ा में हुए डंपर हादसे की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि गृह विभाग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए हलचल मचा दी है। प्रदेश के सात महत्वपूर्ण विभागों को मिलाकर 15 दिनों का एक विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

इस अभियान का केंद्र बिंदु हैं वे जीवनरक्षक, जिनके हाथों में मुसाफिरों की जान की डोर होती है – हमारे ड्राइवर। 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी चालकों की आंखों की अनिवार्य जांच कराने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को एक महीने तक आई टेस्ट कैंप लगाने के आदेश दिए गए हैं, मानो यह राज्य भर में रोशनी का एक अभियान हो, जो धुंधली होती निगाहों को राह दिखाए।

पर यहां बात केवल जांच तक ही सीमित नहीं है। गृह विभाग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि किसी चिकित्सक ने आंखों की रोशनी का गलत प्रमाणपत्र जारी किया और उसके आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण हुआ, तो संबंधित डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई होगी। यह निर्णय उस विश्वासघात को रोकने का एक प्रयास है, जो लापरवाही के कारण अनगिनत जिंदगियों को खतरे में डाल सकता है। साथ ही, सभी ट्रॉमा सेंटर और नजदीकी अस्पतालों के रिस्पॉन्स सिस्टम की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि हादसे के बाद पीड़ितों को तुरंत इलाज मिल सके, मानो वक़्त को मुट्ठी में कैद करने का एक प्रयास हो।

राजमार्गों पर अब एक नई व्यवस्था लागू होगी – लेन ड्राइविंग सिस्टम, जो NH-48 मॉडल पर आधारित होगी। पुलिस, जिसे इस पूरे अभियान का नोडल एजेंसी और फील्ड कोऑर्डिनेटर बनाया गया है, शराब पीकर, गलत दिशा में या तेज गति से गाड़ी चलाने वालों पर विशेष रूप से ध्यान देगी। बिना रिफ्लेक्टर और नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भी सख्ती बरती जाएगी। हर राजमार्ग पर ट्रैफिक टीम की तैनाती बढ़ाई जाएगी, मानो सड़कों पर सुरक्षा का एक अभेद्य किला बनाया जा रहा हो।

परिवहन और सड़क सुरक्षा विभाग को ओवरलोडिंग और फिटनेस नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के लाइसेंस तत्काल निलंबित होंगे, और बार-बार गलती दोहराने पर निरस्त किए जाएंगे। ओवरलोडिंग करने वालों के लाइसेंस भी निलंबित किए जाएंगे, मानो यह नियमों के उल्लंघन पर एक कठोर प्रहार हो।

पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई को आदेश दिया गया है कि सभी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर मौजूद अनधिकृत कटों को 15 दिनों में बंद करें। डिवाइडर और मिडियन पर सुरक्षा रेलिंग, सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई और व्हाइट लाइनिंग का काम भी 15 दिनों में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। राजमार्ग किनारे के अवैध ढाबों को हटाने और घूमते पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की योजना भी बनाई जाएगी। यह प्रयास है सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाने का।

शहरी क्षेत्रों में भारी वाहनों की नो एंट्री टाइमिंग का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। फुटपाथों से अतिक्रमण हटाया जाएगा, और ट्रैफिक सिग्नल व स्ट्रीट लाइट सिस्टम को दुरुस्त करने के निर्देश हैं।

गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि ट्रांसपोर्ट कंपनियां ड्राइवरों से निर्धारित समय से ज्यादा काम नहीं ले सकेंगी। अगर शिकायत मिली तो संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई होगी। ड्राइवरों के काम और आराम के घंटे तय होंगे, जिनकी नियमित मॉनिटरिंग श्रम विभाग करेगा। यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि थकान और अत्यधिक काम का बोझ किसी और जानलेवा हादसे का कारण न बने।

यह अभियान महज एक सरकारी आदेश नहीं, बल्कि एक सामूहिक संकल्प है। यह एक प्रयास है सड़कों को सुरक्षित बनाने का, अपनों को अपनों से बिछड़ने से बचाने का। यह एक उम्मीद है, एक बेहतर कल की, जहाँ सड़कें जीवनदायिनी बनें, न कि काल का ग्रास।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

home होम layers मोबाइल नंबर mic ऑडियोज़ smart_display शॉर्ट्स theaters शोज़