WhatsApp Menu
सीए फाइनल में श्रीडूंगरगढ़ के हर्ष सिंघी ने रचा इतिहास, 22 साल की उम्र में पहले अटेंप्ट में मिली सफलता  |  फोन पर बात कर रहें युवक ने अचानक दम तोड़ा।  |  उपडाकघर बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने बजाए खाली पींपे, कान खोलने के लगाए नारे।  |  हर्षोल्लास के साथ हुए फागोत्सव, श्याम ध्वजा लेकर दो यात्री दल पहुंचे बाबा के दरबार।  |  मिग-21 के सभी पार्टस पहुंचे बिग्गाबास रामसरा, स्थापना का कार्य जारी, ग्रामीणों ने भारतीय सेना का जताया आभार  | 

राजकीय विद्यालय में मनाया महाराणा प्रताप राज्यारोहण दिवस, कविता-गीत व चित्रों से गूंजा प्रताप का शौर्य

डूंगरगढ़ one 1 मार्च, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लिखमादेसर में शनिवार को प्रार्थना सभा के दौरान महाराणा प्रताप राज्यारोहण दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने कविता, गीत, प्रेरक प्रसंग व चित्रों के माध्यम से महाराणा प्रताप के त्याग, समर्पण और शौर्य को याद किया।

कार्यक्रम प्रधानाचार्य लक्ष्मी कांत वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। विद्यालय उत्सव प्रभारी व्याख्याता भगवती पारीक “मनु” ने बताया कि कक्षा 4 की डाली ने “तलवार ही पहचान बन गई” तथा कमला ने “अकबर भी फूट-फूट रोया था” कविता प्रस्तुत की। कक्षा 5 की राधिकानकिता ने महाराणा प्रताप का जीवन परिचय रखा।

कक्षा 6 की रचना ने “चेतक बन गया निराला था” और सरस्वती ने “राणा तेरा नाम अमर है” कविता सुनाई। कक्षा 11 की छात्रा भावना ने प्रताप की शौर्यगाथाओं से श्रोताओं को अवगत कराया।

कार्यक्रम में अध्यापक छोटेलाल ने “नीले घोड़े रा असवार” गीत व “शूरो मेवाड़ी महाराणा प्रताप कठै” धमाल की प्रस्तुति दी। इतिहास व्याख्याता मन्नी ने “मायड़ थारो वो पूछ कठै” गीत से माहौल को भावविभोर कर दिया।

इस दौरान सोनू, राधिका, हरिकिशन, आस्था, जगदम्बा व जितेंद्र ने महाराणा प्रताप व चेतक से संबंधित आकर्षक चित्र बनाए। कार्यक्रम में अभिभावक देवाराम ज्याणी का सानिध्य भी रहा। अंत में प्रधानाचार्य ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया तथा सभी प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

home होम layers मोबाइल नंबर mic ऑडियोज़ smart_display शॉर्ट्स theaters शोज़