श्रीडूंगरगढ़, 22 अगस्त 2025। राजस्थान की मंडियों में अनाज की रौनक इन दिनों फीकी पड़ गई है। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर आज श्रीडूंगरगढ़ मंडी में भी कामकाज बंद रहा। जिंसों की बोलियां नहीं लगीं और व्यापारी विरोध में एकजुट दिखे।
मंडी व्यापार मंडल के अध्यक्ष ओमप्रकाश भादू ने बताया कि यह विरोध प्रदेश सरकार द्वारा आटा, दाल, तेल, मसाले, ड्राईफ्रूट्स और पशुआहार जैसी वस्तुओं पर लगाए गए यूजर चार्ज के खिलाफ है। इस शुल्क को लेकर पूरे प्रदेश में व्यापारियों में रोष है, जिसके चलते सभी 247 मंडियों में कारोबार ठप्प है।
यह विरोध अचानक नहीं उभरा है। मंडी सचिव लालचंद सिद्ध के अनुसार, गुरुवार को जयपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें प्रदेश भर के व्यापारी बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। इस बैठक में यूजर चार्ज के मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
असल में, राज्य सरकार ने 13 अगस्त 2025 को एक अध्यादेश जारी किया था। इस अध्यादेश के अनुसार मंडियों में बिकने वाले आटा, मैदा, खाद्य तेल, मसाले, दालें और पशुआहार जैसी वस्तुओं पर 50 पैसे प्रति सैकड़ा यूजर चार्ज लगाया गया है।
व्यापारियों का मानना है कि यदि यह यूजर चार्ज लागू रहा, तो मंडियों से व्यापार अन्यत्र चला जाएगा। इससे मंडियां, विशेषकर सैकण्डी मार्केट, वीरान हो जाएंगी। केवल व्यापारियों का ही नहीं, बल्कि मुनीम, गुमास्ते, पल्लेदार, ठेला-ठेली वाले और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोग भी बेरोजगार हो जाएंगे।
व्यापारियों की मांग है कि सरकार इस यूजर चार्ज को तुरंत प्रभाव से समाप्त करे। इस विरोध को और मुखर बनाने के लिए मंडी के सभी व्यापारी कल विरोध स्वरूप ज्ञापन भी सौंपेंगे।
यह घटनाक्रम राजस्थान की मंडियों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगाता है। देखना यह है कि सरकार और व्यापारियों के बीच इस मुद्दे पर सहमति बन पाती है या नहीं। फिलहाल, श्रीडूंगरगढ़ मंडी में पसरा सन्नाटा एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है।