मेले का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक ताराचंद सारस्वत और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। पूर्व पालिकाध्यक्ष शिवकुमार स्वामी ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की, जबकि तहसीलदार श्रीवर्धन शर्मा और भाजपा देहात जिला उपाध्यक्ष हेमनाथ जाखड़ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
विधायक ताराचंद सारस्वत ने इस अवसर पर मेलों को हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नवरात्र पर्व के उत्साह को और बढ़ाते हैं। श्री सारस्वत ने मेला आयोजक विप्र फाउंडेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील शर्मा को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
अपने संबोधन में, विधायक ने मेले में लगी 60 से अधिक दुकानों पर मिलने वाले वस्त्रों, घरेलू उपकरणों, खाद्य पदार्थों और अन्य उत्पादों पर जीएसटी की कमी से आम जनता को होने वाले लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम बताया, जिससे देश की जनता की क्रय शक्ति में वृद्धि होगी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मदद मिलेगी।
विशिष्ट अतिथि तहसीलदार श्रीवर्द्धन शर्मा ने आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राउमावि की एसडीएमसी सचिव संतोष बोहरा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर शहर के कई प्रबुद्ध नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिनमें महावीर माली, मनोज गुंसाई, सत्यनारायण स्वामी, एडवोकेट रणवीरसिंह खीची, विमल भाटी और अन्य शामिल थे। पत्रकार शुभकरण पारीक, नारायण सारस्वत और अशोक पारीक सहित कई गणमान्य व्यक्तियों का भी अभिनंदन किया गया।
मेले में विभिन्न प्रकार के व्यंजनों की स्टालें लगी हैं, जिनमें भेल, आइसक्रीम, चाट और अन्य स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध हैं। इमिटेशन ज्वेलरी, हैंडलूम उत्पाद, क्रॉकरी और सजावटी सामान की दुकानें भी मेले का आकर्षण बढ़ा रही हैं।
मेले में लगे झूले बच्चों और बड़ों दोनों को खूब लुभा रहे हैं। उद्घाटन के पहले दिन ही बड़ी संख्या में लोगों ने झूलों का आनंद लिया।
विधायक ताराचंद सारस्वत ने पूरे मेले का दौरा किया। मेला आयोजकों के आग्रह पर वे एक ट्रेन में सवार हुए, जिसमें उनके साथ कई वरिष्ठ नागरिक भी थे। सभी ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए झूले का आनंद लिया और सांस्कृतिक आयोजनों के महत्व पर जोर दिया।