श्रीडूंगरगढ़ ONE 12 अप्रैल 2026। भगवान राम की कृपा से ऋषि गौतम की पत्नी अहिल्या पत्थर की शिला से पुन: मानव रूप में मुक्त हुई। राम के चरण स्पर्श पाकर माता अहिल्या अपने वास्तविक स्वरूप में आई और राम की स्तुति करने लगी। अहिल्या ने कहा कि ये श्राप उनके लिए वरदान सिद्ध हुआ, जिससे भगवान श्रीराम के दर्शन हुए। ये कथा प्रसंग लिखमादेसर में पूनमचंद रामनिवास तिवाड़ी परिवार द्वारा आयोजित श्रीराम कथा में चौथे दिन कथावाचक दंडी स्वामी शिवेंद्राश्रम महाराज ने सुनाया। महाराज ने कहा कि ये कथा अहंकार के अंत और भगवान की शरणागति में कल्याण की सीख देती है। रामायण के इस मार्मिक प्रसंग ने कथा पांडाल में बैठे हजारों श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। सभी ने सजल नेत्रों से जयश्रीराम के जयकारे लगाए। महाराज ने भगवान के नमकरण संस्कार का उल्लेख करते हुए नाम का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि नाम केवल पहचान नहीं, बल्कि व्यक्ति के संस्कार और जीवन की दिशा भी तय करते है। गुरू विश्वामित्र के साथ मिथिला आगमन का प्रसंग का जीवंत चित्रण किया। कथा में संगीतमय भजनों ने वातावरण को भक्ति भाव से भर दिया।
रविवार को सरदारशहर विधायक अनिल शर्मा एवं श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत भी कथा में शामिल हुए। गौसेवार्थ आयोजित कथा में श्रीहंसोजी गोपाल गौशाला ट्रस्ट, लिखमादेसर हेतु दानदाताओं ने कुल 13 लाख से अधिक की राशि का सहयोग दिया। दानदाता सरदारशहर पूर्व प्रधान मनोहरी देवी, ओमप्रकाश बनवारी लाल पांडिया राजासर, भंवरलाल किशनलाल देवीलाल तिवाड़ी अडसीसर, अमरचंद जोशी दिल्ली, संतोष मनोज बैद नई दिल्ली, बजरंगलाल जोशी किशनगंज, भादो देवी सिरंगसर, बांके बिहारी गौशाला सिरंगसर ने सहयोग राशि दी। इस अवसर पर शोभाकांत स्वामी, शंभुदयाल पांडिया, सुरेश तिवाड़ी, देवीलाल तिवाड़ी, पवन पारीक, पं. शिवकांत पारीक, बनवारी तिवाड़ी, अक्षय तिवाड़ी, रामनिवास डांगी, भंवरलाल जोशी, दुर्गाराम पारीक, विद्याधर पारीक, राजेश पारीक, वीरू, ऋतिक, महावीर माली, नूर मोहमद, नवाब खां सहित क्षेत्र के मौजिज लोग शामिल हुए। आयोजक परिवार ने सभी दानदाताओं व अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार जताया।