डूंगरगढ़, 28 सितंबर, 2025। शारदीय नवरात्र का आगमन हो चुका है और इसके साथ ही श्रीडूंगरगढ़ के बिग्गा बास में बंगाली समुदाय में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी है। कारण है, दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन, जो इस बार भी पूरे धूमधाम से मनाया जाएगा। यह आयोजन बिग्गा बास में लगातार चौथे वर्ष हो रहा है, जो इस बात का प्रतीक है कि समुदाय अपनी परंपराओं को संजोए रखने के लिए कितना समर्पित है।
नवरात्र के इस पावन अवसर पर, बंगाली समाज के युवा आयोजन की तैयारियों में जी-जान से जुटे हुए हैं। हर साल की तरह, इस बार भी माँ दुर्गा की आराधना और उत्सव का माहौल पूरे क्षेत्र को भक्ति और उल्लास से सराबोर कर देगा।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक, प्रतिदिन माँ दुर्गा की मूर्ति की पूजा-अर्चना और विशेष आरती की जाएगी। यह एक धार्मिक अनुष्ठान होगा, जिसमें भक्त श्रद्धा भाव से भाग लेंगे। इसके बाद, 2 अक्टूबर को माँ सिंदूर पूजन का विधान होगा, जिसके बाद माँ दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा।
पूजा स्थल बिग्गा बास स्थित पेड़ीवाल भवन (बाबा हरिरामजी मंदिर के पास) में बनाया गया है। नवरात्र के पूरे नौ दिनों तक यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहेगा। माँ के दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आएंगे और भक्तिमय वातावरण में लीन हो जाएंगे।
पूजा-अर्चना के साथ-साथ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जो इस उत्सव को और भी रंगीन बना देंगे। बंगाली दुर्गा नृत्य, डांडिया और गरबा नृत्य जैसे कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। स्थानीय लोग और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन कार्यक्रमों में भाग लेंगे और आनंदित होंगे।
बंगाली समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य परंपरा और आस्था को जीवंत रखना है। उनका मानना है कि यह ज़रूरी है कि नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहे और अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाए। दुर्गा पूजा महोत्सव, इसी उद्देश्य को पूरा करने का एक प्रयास है। यह न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि एक सांस्कृतिक मिलन भी है, जो समुदाय को एक साथ लाता है और उन्हें अपनी पहचान और विरासत का स्मरण कराता है।