कार्यक्रम की शुरुआत में मनरेगा लोकपाल एवं जिला संसाधन व्यक्ति नंदलाल शर्मा का पारंपरिक शाफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। यह सम्मान ग्रामीण विकास के प्रति उनके समर्पण और योगदान का प्रतीक था। सभा के दौरान, जिला संसाधन अधिकारी ने पंचायत निर्णय ऐप पर दर्ज रिपोर्टों का बारीकी से निरीक्षण किया। केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि अधिकारी ने मौके पर जाकर विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन भी किया, ताकि जमीनी हकीकत का पता चल सके।
बाना पंचायत में पहली बार पहुंचे मनरेगा लोकपाल का पंचायत प्रतिनिधियों ने पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया। लोकपाल ने ब्लॉक संसाधन व्यक्ति द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट की गहन समीक्षा की और उनकी कार्यकुशलता की सराहना की। इसके बाद उन्होंने गाँव में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का भी सत्यापन किया।
महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों की जांच में निजी कुंड निर्माण, सीसी ब्लॉक सड़क निर्माण, ग्राम पंचायत नर्सरी में पौधरोपण कार्य और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण शामिल थे। इन कार्यों का उद्देश्य न केवल बुनियादी ढांचे का विकास करना है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर को भी ऊपर उठाना है।
ग्राम सभा में सहायक विकास अधिकारी गिरधारी स्वामी, ग्राम विकास अधिकारी रमेश मोटसरा, एलडीसी महेंद्र सिंह, सरपंच प्रतिनिधि, ग्राम संसाधन व्यक्ति कोमल, मैना, कालूराम और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सबकी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि गाँव के लोग विकास कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए कितने उत्सुक हैं।
ग्राम सभा की डिजिटल रिकॉर्डिंग बाबूलाल गर्ग (BRP) द्वारा की गई। उन्होंने भारत सरकार के निर्देशानुसार और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान (NIRDPR) के आदेशों के तहत पंचायत निर्णय ऐप में ग्राम सभा की फोटो, वीडियो, एजेंडा, निर्णय और प्रस्ताव अपलोड किए। यह कदम ग्राम सभा की कार्यवाही को डिजिटल रूप से संरक्षित करने और भविष्य में उपयोग के लिए सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, बाना पंचायत में आयोजित यह ग्राम सभा एक सफल और सार्थक पहल थी, जिसने विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा दिया। पंचायत निर्णय ऐप के उपयोग ने यह साबित कर दिया कि तकनीक ग्रामीण विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, बशर्ते इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए।