श्रीडूंगरगढ़ श्रीडूंगरगढ़ ONE 7 दिसम्बर 2025। प्रदेश भर में कुल बच्चों की आबादी में आधे से अधिक बच्चों को निजी विद्यालयों द्वारा उच्च स्तरीय शिक्षण दिया जा रहा है। इन विद्यालयों में पढ़ कर हजारों बच्चे प्रतिवर्ष कैरीयर बनाते है व राज्य के जिम्मेदार नागरिक बनते है। लेकिन फिर भी निजी विद्यालयों के साथ सरकार द्वारा दोयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा है, यह असहनीय है। यह बात रविवार को स्थानीय सेसोमू स्कूल में आयोजित स्कूल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन (सेवा) की वार्षिक बैठक में प्रदेशाध्यक्ष कोडाराम भादू ने कही। भादू की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में क्षेत्र के बड़ी संख्या ने निजी विद्यालयों के संचालकों ने भाग लिया। संगठन के श्रीडूंगरगढ़ शहर अध्यक्ष मनोज गुसाई ने बताया कि बैठक में विद्यालय संचालको ने सरकार व विभाग द्वारा सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बीच असमानताएं बढाने का आरोप लगाया व प्रदेश में शिक्षा के प्रचार प्रसार में इनका महत्वपूर्ण योगदान देने के बाद भी शिक्षा विभाग लगातार लगातार विभिन्न प्रतिबंध लगाते हुए अवैधानिक आदेश थोपने पर रोष जताया। प्रदेशाध्यक्ष भादू ने विभाग द्वारा हर प्रकार की फीस में बढ़ोतरी करने, आरटीई का समय पर भुगतान नहीं करने से लघु एव मध्यम दर्जे के निजी विद्यालयों के सामने गम्भीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाने की बात कही। बैठक में पिछले 4 साल से आरटीई में यूनिट कॉस्ट में वृद्धि नहीं करने व समय पर भुगतान करने की मांग को लेकर 8 दिसंबर, सोमवार को प्रदेशव्यापी आह्वान में श्रीडूंगरगढ़ में भी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में विचार रखते हुए रामलाल जाखड़ ने संगठन को मजबूती की अपील करते हुए सभी सदस्य विद्यालयों से संगठन सदस्यता शुल्क आगामी एक सप्ताह में जमा करवाने को कहा। मनीष शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा सीधे तौर पर अंक तालिका ऑनलाइन जारी करने को अव्यवहारिक बताया व अंक तालिकाओं पर संबंधित संस्था प्रधान के हस्ताक्षर अनिवार्य करने की मांग की। राजीव श्रीवास्तव ने विभाग के साथ तालमेल करते हुए प्रयासों को आगे बढ़ाने के अपील की। सेसोमो स्कूल के प्रधानाचार्य सुब्रत कुंडू ने डिजिटाइजेशन को अपनाने व फ्राड से बचने का प्रशिक्षण बच्चो सहित अभिभावकों को देने का प्रस्ताव रखा। बैठक में राकेश व्यास, रेवंतराम जानी, राम सिंह भादू, सहीराम जाखड़, मोहन सिंह मिल, मूलचंद गोदारा, मालाराम खिलेरी, बजरंग गोदारा, राजूराम डेलू आदि ने विचार व्यक्त किये। सेसोमू स्कूल अध्यक्ष जगदीश प्रसाद मूंधड़ा ने आभार जताया।