श्रीडूंगरगढ़, 23 अगस्त 2025। “काली काली बादली, झर झर बरसे मेह…” ये पंक्तियाँ मानो श्रीडूंगरगढ़ के किसानों की मनोदशा का सटीक चित्रण कर रही हैं। लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे इस क्षेत्र में शुक्रवार की शाम से शुरू हुई बारिश ने मानो जीवन का संचार कर दिया है।
उदरासर गाँव के 61 वर्षीय मोहनदास स्वामी अपनी खुशी छिपा नहीं पा रहे थे। आथुनी रोही में अपने खेत में बैठे हुए उन्होंने कहा कि बरसात की कमी के कारण अकाल की स्थिति बन रही थी, लेकिन रात की बारिश ने फसलों को जीवनदान दे दिया है।
मोमासर गाँव के भगवानाराम पूनियां ने बताया कि सुबह से ही हल्की बारिश हो रही है और मौसम अभी भी बरसाती बना हुआ है। फसलों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है।
शहर में भी बारिश ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। श्रीडूंगरगढ़ शहर में शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक 57 एमएम बारिश दर्ज की गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया। पालिका के स्वास्थ्य निरीक्षक हरीश गुर्जर ने बताया कि हालांकि अधिकांश कर्मचारी बाबा रामदेव के पैदल संघों में गए हुए हैं, फिर भी जल निकासी को सुचारू रूप से चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। निचले इलाकों से पानी निकाला जा रहा है और मुख्य बाजार से अलसुबह ही निकासी करवा दी गई थी। अनेक वार्डों में भी यह कार्य जारी है।
मध्यरात्रि के बाद पूरे अंचल में अच्छी बारिश हुई। कुनपालसर के किसान केसराराम ने अपने पड़ोसियों के साथ खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अच्छी फसल होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। बिग्गा निवासी ओमप्रकाश जाखड़ ने बताया कि जोरदार बारिश से गाँव की गुवाड़ जलमग्न हो गई है। मोहनलाल जाखड़ ने कहा कि फसलों के लिए तो मानो अमृत ही बरसा है।
जाखासर गाँव के रामरतन सिहाग ने बताया कि बारिश न होने से किसान काल पड़ने की चिंता में डूब गए थे, लेकिन आज किसान वर्ग फिर से ऊर्जा से भर गया है। जेतासर गाँव में भी अच्छी बारिश हुई है।
हालांकि, बारिश के साथ कुछ मुश्किलें भी आईं। बिग्गा से बिग्गाबास रामसरा के बीच हाईवे सड़क के नीचे से मिट्टी बह गई, जिससे ग्रामीणों ने हादसे की आशंका जताते हुए रास्ते पर पत्थर रखकर चेतावनी संकेत लगाए हैं।