गुरुवार की शाम चिड़पड़नाथजी की बगीची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य एक विशेष कार्यक्रम के लिए एकत्र हुए। अवसर था “ध्येय यात्रा के 100 वर्ष” नामक पुस्तक का विमोचन, जो संघ के गौरवशाली इतिहास के एक सदी पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रकाशित की गई है।
खंड संघचालक आसाराम पारीक ने इस अवसर पर संघ के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि संघ के स्वयंसेवक अब एक व्यापक गृह संपर्क अभियान चलाएंगे। इस अभियान के तहत, वे भारत माता के चित्र और “ध्येय यात्रा के 100 वर्ष” नामक पुस्तक को प्रत्येक हिंदू घर तक पहुंचाएंगे। इस प्रयास का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित और जागृत करना है।
पारीक जी ने आगे बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने के लिए अनेक कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है। मंडल स्तर पर पथ संचलन के बाद, अब इस व्यापक गृह संपर्क अभियान को गति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, जनवरी माह में प्रत्येक मंडल स्तर पर हिंदू सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा।
नगर संघ चालक विनोद कुमार ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वयंसेवक इन पत्रों और पुस्तकों के माध्यम से संघ के ध्येय, समाज में सकारात्मक परिवर्तन और समरसता भाव को लेकर प्रत्येक हिंदू के घर पर पहुंचेंगे। उनका मानना है कि यह संपर्क समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देगा।
पुस्तक विमोचन के इस कार्यक्रम में संघ के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। सभी ने संघ के इस संकल्प का समर्थन किया और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।