श्रीडूंगरगढ़, 14 नवंबर, 2025। शुक्रवार का दिन था और राजकीय चिकित्सालय, श्रीडूंगरगढ़ में चहल-पहल कुछ ज़्यादा ही थी। एक तरफ, विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर विशेष शिविर का आयोजन किया गया, तो दूसरी तरफ, अस्पताल में नई पंजीकरण प्रणाली लागू होने की खबर भी आई।
प्रातः काल से ही, चिकित्सालय में विश्व मधुमेह दिवस के उपलक्ष्य में एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर उन लोगों के लिए एक सौगात की तरह था, जो मधुमेह के बारे में जानकारी चाहते थे या अपनी जांच कराना चाहते थे। कुल 116 रोगियों ने इस अवसर का लाभ उठाया। उन्हें न केवल मुफ्त में ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच की सुविधा मिली, बल्कि दवाइयां भी दी गईं।
डॉ. एसके बिहानी और डॉ. श्रवण चौधरी जैसे चिकित्सकों ने ओपीडी में आए रोगियों को पेम्प्लेट वितरित किए और उन्हें मधुमेह के लक्षणों और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया। एनसीडी कर्मचारी मदन मीणा और मोहम्मद अनवर खान भी इस नेक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे थे।
वहीं दूसरी ओर, चिकित्सालय प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। अब से, अस्पताल में इलाज कराने आने वाले रोगियों को अपना आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा। चिकित्सालय प्रभारी डॉ. एसके बिहानी ने बताया कि यह कदम चिकित्सा विभाग द्वारा शुरू किए गए ‘एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच’ का हिस्सा है। इस प्रणाली के तहत, रोगियों को अस्पताल में सभी सुविधाएं प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड की आवश्यकता होगी।
इतना ही नहीं, रोगियों को अस्पताल आने से पहले ‘आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट’ पर अपना पंजीकरण कराने की भी सुविधा दी गई है। ऑनलाइन पंजीकरण करने से रोगियों को लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी से मुक्ति मिल जाएगी।
यह दिन श्रीडूंगरगढ़ के राजकीय चिकित्सालय के लिए एक महत्वपूर्ण दिन था। एक तरफ, मधुमेह के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया, तो दूसरी तरफ, चिकित्सा सेवाओं को और भी सुलभ और कुशल बनाने की दिशा में कदम उठाए गए। इन दोनों खबरों ने यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सेवाओं में सुधार, दोनों ही एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आवश्यक हैं।