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भगवान झूलेलाल के नामकरण संस्कार के साथ पूर्ण हुआ पर्व,
श्रीडूंगरगढ़ ONE। सिंधी समाज के छह दिवसीय पर्वों की श्रृंखला 20 मार्च को चेटीचंड से शुरू होकर 25 मार्च को छठी पर्व के साथ पूर्ण हुआ। सिंधी समाज के मिडिया प्रभारी रवि रिझवानी ने बताया कि छठी के मौके पर भगवान श्रीझूलेलाल का नामकरण संस्कार की रीत निभाई गई। 20 मार्च को चेटीचंड पर्व भगवान झूलेलाल के जन्म के अवसर पर मनाया जाता है एवं छठी के पर्व पर पंडित अनिल उपाध्याय ने भगवान झूलेलाल का नामकरण करवाया। इस मौके पर बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे एवं भजन, किर्तन करते हुए जयकारे लगाए। इस मौके पर छोटे बच्चे को भगवान झूलेलाल की झांकी के रूप में भी सजाया गया। जिसे भजन संध्या में शामिल लोगों ने झांकी को झूले झूलाए।

शौर्य स्वाभीमान एवं संस्कारों की धरती का होगा बखान, समारोह 29 मार्च को।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। आगामी 29 मार्च को राजस्थान दिवस के अवसर पर स्थानीय राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार समिति द्वारा समारोह आयोजित किया जाएगा। समिति मंत्री रवि पुरोहित ने बताया कि इस मौके पर सुबह 10 बजे से समिति भवन में संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। शौर्य, स्वाभीमान और संस्कारों की धरती राजस्थान विषयक इस कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद डॉ कमल कोठारी करेगें एवं मुख्य अतिथि मोटिवेशनल स्पीकर डॉ गौरव बिस्सा होगें। विशिष्ट अतिथि सोशियल एक्टिविस्ट सीमा हिंगोनिया होगी एवं व्याख्यान शिक्षाविद डॉ चक्रवर्ती श्रीमाली करेगें। कार्यक्रम संयोजन भगवती पारीक मनू करेगी।

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