श्रीडूंगरगढ़ ONE 2 फरवरी 2026। गांव ऊपनी में मोहनी देवी सिद्ध गोदारा द्वारा संगीतमय सप्तदिवसीय कथा का आयोजन आज कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल हुई। कथा के पहले दिन कथावाचक शंकरदास जी महाराज ने भागवत कथा का माहात्म्य सुनाया। महाराज ने भागवत को गंगा के समान बताते हुए भागवत श्रवण से मुक्ति का मार्ग खुलने की बात कही। उन्होंने नशे से दूर रहने व मनुष्य जन्म को भगवत प्राप्ति का साधन बताते हुए भक्ति की प्रेरणा दी। उन्होंने परवर्तन को संसार का नियम बताते हुए राजा परीक्षित, नारदजी द्वारा वृदांवन में भक्ति, ज्ञान व वैराग्य देखने की कथा का विस्तार से वर्णन किया। महाराज ने काम, नींद और अनर्गल वार्तालाप छोड़कर कथा श्रवण का लाभ उठाने की बात कही। महाराज ने कहा कि मन बुद्धि व चिंतन के साथ कथा सुनने वाले को इसके दिव्य लाभ प्राप्त होते है। उन्होंने पाखंड से दूर रहने, वृदांवन धाम व राधा नाम की महिमा बताते हुए सत्कर्म करने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान संगीतमय भजन कीर्तन भी हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने आनंद लिया। विदित रहें 9 फरवरी तक सुबह 11.15 बजे से 4.15 कथा का वाचन होगा। वहीं कथा स्थल पर ही शाम को 8 बजे से 10 बजे तक नानी बाई का मायरा का आयोजन, प्रात: काल प्रार्थना व प्रभात फेरी के धार्मिक आयोजन होंगे। पहले दिन के कथा प्रसंग पूर्ण होने पर भगवान ठाकुरजी की आरती की गई।
आयोजक परिवार ने किया अतिथियों का अभिनंदन।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। आयोजक सिद्ध गोदारा परिवार ने अतिथियों का साफा पहनाकर सम्मान किया और महाराज जी ने दुपट्टा पहना कर आशीर्वाद दिया। आयोजक परिवार के मांगीनाथ ने बताया कि सिद्ध गोदारा परिवार की ओर से मोतीनाथ सिद्ध ने कथावाचक शंकरदास जी महाराज का सम्मान किया। वहीं कृष्ण गोदारा रेसा के प्रदेशाध्यक्ष प्राचार्य का आयोजक परिवार के हीरनाथ ने तथा महेंद्र हरियाणा का प्रभुराम ने स्वागत किया। कृषि मंडी व्यापार मंडल उपाध्यक्ष व पूर्व सरपंच लालचंद सिद्ध बेनीसर का सम्मान किया।