संस्कृत शिक्षा के संभागीय अधिकारी नत्थूराम शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय के लिए भूमि स्वीकृत हो चुकी है। जब तक नवीन भवन का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक विद्यालय का अस्थायी संचालन श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर 1, आड़सर बास में किया जाएगा।
शर्मा जी ने बताया कि विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र ही आरंभ कर दी जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि तीन शिक्षकों, एक मंत्रालयिक कर्मचारी और एक सहायक कर्मचारी की नियुक्ति के लिए संस्कृत शिक्षा विभाग की ओर से निदेशालय को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलते ही अगले सप्ताह प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की योजना है।
यह आवासीय विद्यालय बालकों को चारों वेदों और संस्कारों की शिक्षा प्रदान करेगा। यहां गुरुकुल पद्धति के अनुसार दिनचर्या का पालन किया जाएगा। वेद पाठ करने वाले बालकों के सर्वांगीण विकास के लिए आधुनिक शिक्षण विषयों को भी दिनचर्या में शामिल किया जाएगा। सुबह-शाम वंदना, वेद शिक्षा, सामान्य विद्यालय की शिक्षा, खेलकूद और कंप्यूटर क्लास भी दिनचर्या का हिस्सा होंगे। इसके अतिरिक्त, याज्ञवल्क्य शिक्षा, पंचांग, नित्य कर्म, सोलह संस्कार, मंडल हवन आदि का ज्ञान भी बालकों को दिया जाएगा।
विद्यालय में शिक्षा सत्र 2026-27 से छठी कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। छठी कक्षा में कुल 40 सीटें होंगी। यदि आवेदन 40 से अधिक प्राप्त होते हैं, तो लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाएगा। विद्यालय में प्रवेश पाने वाले सभी बालकों को आश्रम व्यवस्था के अंतर्गत आवास, भोजन, अध्ययन सामग्री और वस्त्र जैसी सभी सुविधाएं सरकार द्वारा निःशुल्क प्रदान की जाएंगी।
इस विद्यालय की स्थापना से निश्चित रूप से क्षेत्र के बालकों को वेदों और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का एक सुनहरा अवसर मिलेगा।