इन वार्डों में लगभग चार सौ घर हैं, जिनकी पेयजल आपूर्ति सेवानाथ जी की बगीची स्थित हौद से होती है। नगरपालिका द्वारा यहाँ गंदे पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। इस दौरान, दुर्भाग्यवश, पेयजल आपूर्ति लाइनें टूट गईं, जिससे मोहल्ले में पानी का संकट गहरा गया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, उन्हें जलदाय विभाग और नगरपालिका, दोनों ने आश्वस्त किया था कि ड्रेनेज पाइपलाइन डालने से बाधित होने वाली पेयजल आपूर्ति को दो दिनों के भीतर सुचारू कर दिया जाएगा। हालांकि, ड्रेनेज पाइपलाइन का काम तो पूरा हो गया, लेकिन पेयजल की समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि नगरपालिका ने अपना काम पूरा कर लिया है, जबकि जलदाय विभाग ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया है।
मोहल्लेवासियों ने विभागीय अधिकारियों से कई बार मुलाकात की और अपनी परेशानी बताई। हर बार उन्हें दो दिनों में व्यवस्था ठीक करने का आश्वासन मिला, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। विवश होकर, मोहल्लेवासियों ने बुधवार को उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा और उन्हें विकास कार्यों के कारण हो रही कठिनाइयों से अवगत कराया।
इन दोनों वार्डों के सैकड़ों घरों में पिछले दस दिनों से पानी की किल्लत है, जिससे लोगों को पानी खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मोहल्ले में ज्यादातर मेहनतकश लोग रहते हैं, जिनके लिए पानी खरीदना एक अतिरिक्त बोझ बन गया है। इस स्थिति से लोगों में रोष है और वे जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारू करने की मांग कर रहे हैं।
उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा ने मोहल्लेवासियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जलदाय विभाग को तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह है कि इन निर्देशों का पालन कब तक होता है और लोगों को पानी की समस्या से कब निजात मिलती है। यह घटना विकास की प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन की तत्परता पर सवाल उठाती है।