श्रीडूंगरगढ़ श्रीडूंगरगढ़ ONE 27 फरवरी 2026। श्रीडूंगरगढ़ एसीजेएम ने दस्तावेजों की कूटरचना करने एवं धोखाधड़ी के 13 साल पुराने प्रकरण में 2 आरोपियों को शुक्रवार को दोषमुक्त कर दिया है।
मामले की प्रभावी पैरवी करने वाले एडवोकेट राधेश्याम दर्जी व गोपाल पारीक ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हर्ष कुमार ने 13 साल पुराने धोखाधड़ी एवं दस्तावेजो की कूटरचना करने के एक मामले में फैसला सुनाते आरोपी छैलूसिंह व अल्पेश को दोषमुक्त किया है। विदित रहें 2012 में लालासर निवासी परिवादी उमराव सिंह पुत्र सूरजभान यादव ने अपने भाई छैलूसिंह व भतीजे अल्पेश पर धोखाधड़ी कर खेत हड़पने की नीयत से दस्तावेजो की कूटरचना करने व गलत तरीके से वसीयत बनाने और खेत अन्य आरोपी रामेश्वर को बेचने का आरोप लगाते हुए पुलिस थाना श्रीडूंगरगढ़ में मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने आरोप प्रमाणित मानकर न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायालय में प्रकरण 13 वर्ष विचाराधीन रहा। दौराने विचारण अभियुक्त रामेश्वर की मृत्यु हो गयी। हस्तगत मामले में अभियोजन वकील द्वारा 11 गवाह तथा अनेको दस्तावेजात पेश किए गए। परन्तु फिर भी अभियोजन इस मामले को संदेह से परे साबित नहीं कर पाया।