भोजास गांव में एक हृदयविदारक घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है। बीती रात, लगभग 3 बजे, गांव की ही एक डिग्गी में 18 वर्षीय राजलक्ष्मी का शव पाया गया। राजलक्ष्मी, जो अपने दिवंगत पिता ओमसिंह राजपुरोहित की बेटी थीं, अपनी मां सुशीला देवी के साथ ढाणी में रहती थीं।
खबर मिलते ही सेरूणा पुलिस तत्काल हरकत में आई और शव को डिग्गी से निकालकर श्रीडूंगरगढ़ के उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। जैसे ही यह दुखद खबर फैली, परिजन और समाज के लोग अस्पताल में इकट्ठा होने लगे। माहौल गमगीन था और हर आंख में आंसू थे।
परिजनों का आरोप है कि राजलक्ष्मी के साथ ज्यादती की गई और फिर उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने पुलिस से इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। मां सुशीला देवी ने भी एक युवक के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गुरुवार की शाम, परिजन और समाज के लोग विधायक लोक सेवा केंद्र पहुंचे और अपनी मांग को दोहराया कि हत्या का मामला दर्ज किया जाए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
पूरे दिन, युवती के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका, क्योंकि परिजन मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे रहे। वे इंसाफ की मांग कर रहे हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे यहां से नहीं हटेंगे।
सूत्रों के अनुसार, परिजन समाज के अन्य लोगों से भी संपर्क कर रहे हैं और सुबह प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं। उनका इरादा है कि इस घटना को लेकर उनकी आवाज हर जगह सुनी जाए और राजलक्ष्मी को इंसाफ मिले। यह घटना श्रीडूंगरगढ़ में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर रही है।