मोहम्मद रफीक, जो इस आयोजन के सूत्रधार थे, ने बताया कि इस प्रतियोगिता में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की चार टीमों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन न केवल खेल का मैदान था, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों को आपस में जोड़ने का एक मंच भी था।
दिन भर चले रोमांचक मुकाबलों के बाद, फाइनल में कालूबास और मोमासर बास की टीमें आमने-सामने थीं। मोमासर बास ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम के बल्लेबाजों ने निराश नहीं किया और दमदार प्रदर्शन करते हुए निर्धारित 10 ओवर में 122 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। अजहर ने 46 रनों की शानदार पारी खेली, वहीं महेश ने 21 रन बनाए। मोहित बैद ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 23 रन जोड़े।
जवाब में कालूबास की टीम दबाव में आ गई और लगातार विकेट खोती रही। पूरी टीम 77 रन पर सिमट गई, जिसके चलते मोमासर बास ने 45 रनों से जीत दर्ज की।
मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। रामनिवास फौजी और श्याम सुंदर पारीक ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की। फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाले महेश तावनिया को ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया, जबकि पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाने वाले मोहित बैद को ‘मैन ऑफ द सीरीज’ का खिताब मिला।
यह स्नेहमिलन क्रिकेट प्रतियोगिता न केवल खेल के प्रति प्रेम को दर्शाती है, बल्कि यह श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के लोगों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारे का भी प्रतीक है।