सोमवार की रात, पूजन के बाद, लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। पटाखों की गूंज देर रात तक वातावरण में छाई रही। घरों और प्रतिष्ठानों में विधि-विधान से माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की गई, और सुख-समृद्धि की कामना की गई। घरों में विशेष पकवान, मिठाई, मखाने और फलों का भोग लगाया गया।
हर घर को रंगोली से सजाया गया और दीपों की रोशनी से जगमग किया गया। घरों पर रंग-बिरंगी रोशनी की झालरें लगाई गईं, जो दीपावली के इस पर्व को और भी आकर्षक बना रही थीं।
वहीं, ग्रामीण अंचल में मंगलवार की सुबह से ही “रामाश्याम” का दौर शुरू हो गया। दीपावली के इस विशेष अवसर पर, श्रीडूंगरगढ़ का बाजार आज भी खुला है और लोग त्योहार की खरीदारी में व्यस्त हैं। दो दिनों तक दीपावली मनाने से लोगों में उत्साह दोगुना हो गया है।
दीपावली, जो प्रकाश और खुशियों का त्योहार है, श्रीडूंगरगढ़ में श्रद्धा, उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है।