पहली घटना में, कंवराराम ब्राह्मण के घर को चोरों ने निशाना बनाया। पीड़ित के अनुसार, वे परिवार सहित खेत में बने अपने ढाणी में रहते हैं। गुरुवार की सुबह जब वे अपनी पत्नी और बहू के साथ घर लौटे, तो उन्होंने मुख्य द्वार खुला पाया और अंदर सारा सामान बिखरा हुआ था। कंवराराम ने पुलिस को बताया कि चोरों ने अलमारी और संदूकों के ताले तोड़ दिए और कीमती सामान, जिसमें चांदी के आभूषण, सोने के गहने और 37 हजार रुपये की नकदी शामिल थी, ले गए। उन्होंने पुलिस से चोरी हुए सामान को बरामद करने की गुहार लगाई है।
उसी दिन, एक अन्य घटना में, सुमनदेवी नामक एक महिला के घर में भी चोरी हुई। सुमनदेवी ने पुलिस को बताया कि बुधवार की सुबह वह अपने बेटे के साथ खेत गई थीं। जब वे शाम को वापस लौटीं तो उन्होंने घर का दरवाजा खुला पाया। घर के अंदर देखने पर उन्हें पता चला कि चोरों ने पींपे में रखे चांदी के पायल, सोने के मंगलसूत्र, रखड़ी, कान के बाले, लूंग, चांदी के सिक्के, 90 हजार रूपए नगदी और मोटरसाइकिल के कागजात चुरा लिए थे।
इन वारदातों के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। सरपंच मोहन स्वामी और भाजपा नेता आईदान पारीक ने पुलिस से त्वरित कार्रवाई करने और चोरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
पुलिस ने दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर ली है और जांच हैड कांस्टेबल देवाराम को सौंप दी है। हैड कांस्टेबल देवाराम ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ितों से जानकारी इकट्ठा की है। पुलिस का कहना है कि वे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और चोरों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
इन घटनाओं ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को गश्त बढ़ानी चाहिए और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। पीड़ितों को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही चोरों को पकड़ लेगी और उनका सामान बरामद कर लेगी।