श्रीडूंगरगढ़ ONE 12 दिसंबर 2025। क्षेत्र के गांव बाडेला की रोही में शुक्रवार सुबह अचानक एक ढाणी में आग लग गई और आग में दो झोंपड़े, एक छान सहित सारा सामान, बारानी फसल की उपज, गहने नगदी जलकर खाख हो गए। प्रसूता के साथ अस्पताल गई विधवा मां इस बिन बुलाए आई इस मुसीबत से बिलख उठी।
बाडेला की रोही में पेमाराम नायक की ढाणी अज्ञात कारणों से धूं धूं कर जल उठी। पेमाराम मजदूरी के लिए बाहर गया हुआ है। उसकी विधवा माँ प्रसूता बहन को लेकर गुरूवार को पीबीएम अस्पताल गई हुई थी। आज सुबह अचानक ढाणी में आग लग गई। पेमाराम की पत्नी, दो छोटे बच्चे, छोटा भाई प्रभुराम, छोटी बहन, ढाणी में ही थे। प्रभुराम ने आग लगने पर सभी बच्चों को ढाणी से बाहर निकाला और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। परंतु आग की लपटों में खून पसीने से ली बारानी फसल की उपज जिसमें 6 क्विंटल ग्वार, 7 क्विंटल बाजरा, 2 क्विंटल मोठ, 3 क्विंटल मूंग, चवला व तिल एक एक क्विंटल जलकर खाख हो गई। पूरे परिवार की 6 महीने की कड़ी मेहनत पर आग ने पानी फिर गया। आग में गृहस्थी का सामान बर्तन, बिस्तर, पलंग, कपड़े व राशन सहित सोने चांदी के गहने जलकर खाख हो गए। प्रभुराम ने बताया कि ढाणी में 50 हजार रूपए बहन के प्रसव व अन्य आपातकाल के संजोकर रखे थे, वे भी आग की भेंट चढ़ गए। विधवा माँ घटना से बुरी तरह से व्यथित हो गई है और अस्पताल से छुट्टी मिलने पर सिजेरियन से हुए बच्चे व प्रसूता बेटी को लेकर इस ठंड में कहां सिर छुपाएगी, की परेशानी से आहत है। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए है और ग्रामीणों ने प्रशासन व दानदाताओं से जरूरतमंद परिवार की मदद करने की अपील भी की है।