श्रीडूंगरगढ़, 3 दिसम्बर, 2025। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीडूंगरगढ़ के निर्देशानुसार पुलिस बल की मौजूदगी में एक विवादित परिसर को खाली कराया गया। यह घटनाक्रम दीवानी प्रकरण संख्या 24/2023 में न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले के अनुपालन में हुआ।
वादी पक्ष के अधिवक्ता राधेश्याम दर्जी ने जानकारी देते हुए बताया कि न्यायालय ने थानाधिकारी को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया था कि वे पूर्व में पारित निर्णय और डिक्री के अनुसार विवादित परिसर को खाली कराने के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराएं।
दरअसल, न्यायालय ने अपने फैसले में दिनेश झंवर और रीना को दो महीने के भीतर भूखंड/परिसर खाली करने का आदेश दिया था। साथ ही, वादी के कब्जे और उपयोग में किसी भी प्रकार की बाधा न डालने के लिए कहा गया था। अधिवक्ता दर्जी के अनुसार, इसके बावजूद दोनों ने परिसर खाली नहीं किया और वादी के अधिकारों में अवरोध उत्पन्न कर रहे थे, जो न्यायालय के आदेश की अवमानना थी।
इस मामले में प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता गोपाल पारीक ने बताया कि इसी आधार पर न्यायालय ने निर्देश दिया कि एक महिला कांस्टेबल सहित एस.आई. रैंक के अधिकारी और पुलिस बल कार्रवाई के दौरान उपस्थित रहें और सहायक नाज़िर द्वारा करवाई जाने वाली प्रक्रिया में पूरी पुलिस सहायता प्रदान करें।
न्यायालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आदेश और डिक्री के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विवादित परिसर को कानून के अनुसार खाली करवाना अनिवार्य है।
परिणामस्वरूप, कोर्ट के आदेश के अनुपालन में एसआई पवन कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर उपस्थित रहे और न्यायालय के आदेशानुसार परिसर को खाली करवाया गया। यह घटनाक्रम कानून के शासन और न्यायालय के आदेशों के पालन के महत्व को दर्शाता है।