श्रीडूंगरगढ़, 25 अक्टूबर 2025। स्थानीय तेजा मंदिर में शनिवार को राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में, प्रदेश प्रभारी रीना वाल्मिकी की अध्यक्षता में, किसानों से जुड़े अहम मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक का केंद्र बिंदु समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद में पारदर्शिता बनाए रखने पर केंद्रित रहा। स्थानीय कांग्रेसी नेताओं ने इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी राय रखी, जिससे खरीद प्रक्रिया को और अधिक किसान-हितैषी बनाया जा सके।
संगठन के जिलाध्यक्ष हरिराम बाना ने बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार से क्षेत्र में टोकन संख्या बढ़ाने की मांग कर रही है। उन्होंने गिरदावरी में हुई कथित गड़बड़ियों से परेशान किसानों को राहत प्रदान करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका कहना था कि इन गड़बड़ियों के कारण कई किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, और सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
बैठक के समापन के बाद, सभी सदस्य एकजुट होकर उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने उपखंड अधिकारी के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार श्रीवर्द्धन शर्मा को सौंपा। ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल थीं, जिनमें प्रति खरीद केंद्र पर टोकन संख्या में वृद्धि करना, जारी किए गए टोकनों की सूची को सार्वजनिक करना, गिरदावरी में सुधार करना, और गलत फसल अंकित होने से पीड़ित किसानों की गिरदावरी को दोबारा करने की मांग प्रमुख थी। इसके साथ ही, ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि इस संबंध में पटवारियों की जवाबदेही तय की जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रदेश उपाध्यक्ष जुगल हटीला व गजानंद शर्मा, प्रदेश महासचिव विमल भाटी, देहात कांग्रेस सेवादल मुरलीधर पन्नू, और शहर अध्यक्ष नंदलाल जावर जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के युवा नेता राधेश्याम सिद्ध, हेतराम जाखड़, सोहनलाल महिया और राजेंद्र मेघवाल सहित कई अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
बैठक में किसानों के मुद्दों पर जिस गंभीरता से चर्चा हुई और उसके बाद उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया, उससे यह स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी किसानों की समस्याओं को लेकर सजग है और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और किसानों को कितनी राहत मिलती है।