पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि ओमप्रकाश सारण ने इस गंभीर समस्या को लेकर उपखण्ड अधिकारी (SDM) शुभम शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में सड़क की तत्काल मरम्मत की गुहार लगाई गई है।
इस मार्ग से हर दिन सैकड़ों लोगों का आवागमन होता है। चिंता की बात यह है कि इसी सड़क पर तीन सरकारी विद्यालय भी स्थित हैं, जहाँ छोटे-छोटे बच्चे प्रतिदिन इसी रास्ते से होकर विद्यालय जाते हैं। कीचड़ और तेज़ रफ्तार वाहनों के कारण बच्चों के कपड़े अक्सर गंदे हो जाते हैं और उन्हें फिसलने का डर हमेशा बना रहता है।
ग्रामवासियों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर सरपंच से संपर्क किया, तो उनका जवाब था कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत आती है। वहीं, जब ग्रामीणों ने PWD अधिकारियों से बात की, तो उन्होंने इसे ग्राम पंचायत का मामला बताकर अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर लिया। इस रवैये से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
यह भी उल्लेखनीय है कि 24 सितंबर 2025 को ग्राम पंचायत बिग्गा में आयोजित जनसुनवाई शिविर में भी ग्रामीणों ने इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन वहां भी उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
ऐसे में, ग्रामवासियों ने उपखण्ड अधिकारी श्रीडूंगरगढ़ से विनम्र निवेदन किया है कि वे संबंधित विभाग को निर्देशित करें ताकि सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य जल्द से जल्द शुरू हो सके। इससे न केवल गांव की स्वच्छता बनी रहेगी, बल्कि राहगीरों को भी इस दुविधापूर्ण स्थिति से राहत मिलेगी। देखना यह है कि प्रशासन इस पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और ग्रामीणों को इस परेशानी से निजात दिलाता है।