ओमप्रकाश के मुताबिक, वे छतरगढ़ से लोडेरा उतरे थे और पैदल ही अपने गांव, बींझासर की ओर जा रहे थे। गांव के नजदीक पहुंचते ही, कथित तौर पर राकेश, पुत्र बीरबल जाट, अशोक और रामनिवास, पुत्र नराणाराम जाट, मोटरसाइकिल पर आए और उनका रास्ता रोक लिया।
शिकायत में ओमप्रकाश ने आरोप लगाया है कि तीनों आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, जातिसूचक गालियां दीं, उनके कपड़े फाड़ दिए और गला दबाकर उनकी जेब से 47,500 रूपए छीन लिए।
इस घटना ने गांव में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। सेरूणा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच का जिम्मा सीओ निकेत पारीक को सौंपा गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और इस घटना के पीछे की सच्चाई क्या निकल कर आती है। यह घटना निश्चित रूप से समाज में मौजूद कुछ गहरी समस्याओं की ओर इशारा करती है, जिन पर ध्यान देना आवश्यक है।