श्रीडूंगरगढ़, 9 नवंबर 2025: श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में फसलों की गिरदावरी में कथित धांधलियों को लेकर किसानों में पनपा असंतोष शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। शिकायतों की लगातार बढ़ती तादाद को देखते हुए स्थानीय विधायक ताराचंद सारस्वत ने स्वयं मोर्चा संभाला और खेतों में उतरकर किसानों से सीधे संवाद स्थापित किया।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विधायक को निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर वास्तविकता और सरकारी रिकॉर्ड में भारी विसंगतियां मिलीं। एक ऐसा ही मामला गांव बिग्गा की दिखनादी रोही में सामने आया, जहाँ किसान राजू जाखड़ ने विधायक को बताया कि खसरा नंबर 1092 में 19 बीघा जमीन पर उन्होंने मूंगफली की फसल बोई थी, लेकिन पटवारी राकेश कड़वासरा ने रिकॉर्ड में उसे मोठ की फसल दर्शा दिया है। किसान का आरोप है कि सही गिरदावरी के लिए पटवारी ने उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
इसी क्रम में विधायक ने खसरा नंबर 301 के 25 बीघा खेत का भी निरीक्षण किया। यहाँ भी स्थिति निराशाजनक थी; खेत में मूंगफली लहलहा रही थी, जबकि गिरदावरी में उसे अड़ाव (बंजर) घोषित कर दिया गया था।
किसानों की व्यथा सुनकर विधायक सारस्वत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और जो अधिकारी या कर्मचारी किसानों के साथ अन्याय कर रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
विधायक ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों की गिरदावरी में त्रुटियाँ हुई हैं, वे तत्काल अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
सूत्रों की मानें तो श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में फर्जी गिरदावरी के मामलों की संख्या काफी अधिक है। इस मामले पर सरकार ने भी गंभीरता दिखाई है और अधिकारियों को सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। रविवार को विधायक ने जिन खेतों का निरीक्षण किया, उनमें से अधिकांश में फसलें वास्तविकता से अलग दर्ज पाई गईं। कहीं मूंगफली को ‘बिरानी’ (बिना सिंचाई वाली) दर्शाया गया, तो कहीं ‘बिरानी’ को मूंगफली, कहीं खेत को बंजर घोषित कर दिया गया, तो कहीं गोचर भूमि की भी गिरदावरी कर दी गई। यह स्थिति निश्चित रूप से चिंताजनक है और किसानों के साथ अन्याय को दर्शाती है।