श्रीडूंगरगढ़, 4 नवंबर, 2025। सनातन संस्कृति में कार्तिक मास की अपनी ही महिमा है। इन दिनों श्रीडूंगरगढ़ में हर घर में महिलाओं द्वारा कार्तिक स्नान, मंदिर दर्शन, व्रत, उपवास और पाठ-पूजन जैसे अनुष्ठान पूरे श्रद्धा भाव से किए जा रहे हैं।
मंगलवार को महिलाओं ने बैर की झाड़ी का पूजन किया। भगवान शिव और विष्णु का स्मरण करते हुए कथा-कहानियां सुनीं। मान्यता है कि इस दिन पूजन करने से आध्यात्मिक जीवन में उन्नति मिलती है। महिलाओं ने वैकुंठ चतुर्दशी के सामूहिक पूजन भी संपन्न किए।
कस्बे के सिंधी मंदिर से भैया दूज के दिन से ही सुबह 6:15 बजे प्रभात फेरी निकाली जा रही है। इस फेरी में शामिल श्रद्धालुओं का जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया जा रहा है। यह दृश्य भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।
सिंधी मंदिर में बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सुबह 5 बजे हवन-पूजन का कार्यक्रम होगा। इसके बाद प्रभात फेरी निकाली जाएगी, जो जयकारों के साथ पूर्ण होगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रभात फेरी में भाग लेकर भक्ति रस का आनंद ले रहे हैं।
कल मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे और देव दीपावली मनाई जाएगी। श्रद्धालु देव दीपावली मनाने की तैयारियों में उत्साहपूर्वक जुटे हैं। बुधवार शाम को श्रद्धालु मंदिरों में दीप दान करेंगे।
अनेक घरों में पूर्णिमा के उद्यापन के आयोजन भी होंगे। उद्यापन के हवन-पूजन की तैयारियों के साथ-साथ सामूहिक भोज की तैयारियां भी ज़ोरों पर हैं।
ज्ञात हो कि कल गुरु नानक जयंती पर प्रकाश पर्व का प्रदेश भर में सार्वजनिक अवकाश भी रहेगा। ऐसे में, कार्तिक पूर्णिमा के साथ ही प्रकाश पर्व का उल्लास भी श्रीडूंगरगढ़ में देखने को मिलेगा।