दरअसल, दीपावली पर्व के अवसर पर किसानों की सुविधा के लिए ईमित्र केंद्रों पर पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है। किसान सुबह से ही ईमित्र केंद्रों पर पहुंचे हुए हैं। इस बीच, ईमित्र संचालकों ने त्योहार को देखते हुए दो दिन के लिए गिरदावरी पंजीकरण बंद रखने की मांग की थी।
अब, विभाग ने इस विषय पर संज्ञान लेते हुए 21 अक्टूबर 2025, मंगलवार को पंजीकरण बंद रखने का निर्णय लिया है। अच्छी खबर यह है कि पंजीकरण प्रक्रिया 22 अक्टूबर 2025 को सुबह 9 बजे से फिर से शुरू हो जाएगी।
इसके साथ ही, विभाग ने पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर कुछ जरूरी निर्देश भी जारी किए हैं, जिनका पालन करना सभी किसानों के लिए अनिवार्य है:
* **जिम्मेदारी तय:** बिना मूल गिरदावरी के पंजीकरण करने पर कियोस्क धारक की जिम्मेदारी तय की गई है।
* **समय सीमा:** पंजीकरण सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक ही करवाए जा सकेंगे।
* **एक जनआधार, एक रजिस्ट्रेशन:** एक जनआधार से केवल एक ही रजिस्ट्रेशन मान्य होगा।
* **फॉर्म का ध्यान:** मूंगफली और सोयाबीन के लिए एक ही फॉर्म भरना होगा, वहीं मूंग और उड़द के लिए भी एक ही फॉर्म में आवेदन किया जा सकेगा।
* **नाम का मिलान:** गिरदावरी जिस नाम से है, पंजीकरण भी उसी नाम से मान्य होगा।
* **संशोधन नहीं:** ऑनलाइन अपलोड की गई गिरदावरी में संशोधन मान्य नहीं होगा।
* **मिलान अनिवार्य:** अपलोड की गई गिरदावरी और मूल गिरदावरी का मिलान होने पर ही तुलाई करवाई जाएगी।
* **टोकन नंबर:** टोकन नंबर जनरेट नहीं होने की स्थिति में रजिस्ट्रेशन मान्य नहीं होगा।
* **बटाईदार के लिए नियम:** बटाईदार की स्थिति में भूमि मालिक और बटाईदार दोनों के जनआधार नंबर पर ओटीपी वेरीफाई करवाना अनिवार्य होगा।
किसानों से अनुरोध है कि वे इन निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और समझें, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया में उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यह जानकारी अपने साथी किसानों तक भी जरूर पहुंचाएं, ताकि सभी जागरूक रहें और समय रहते पंजीकरण करवा सकें।