सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों के इस दौर में, किसी परिवार के लिए अपनी बेटी या बहू के लिए बड़ी मेहनत से बनवाए गहनों का चोरी हो जाना, एक गहरा आघात है। ऐसा ही एक मामला श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव मोमासर से सामने आया है।
मोमासर गांव की 50 वर्षीय जेठी देवी पत्नी भंवराराम मेघवाल अपने बेटे के साथ थाने पहुंचीं और गहने चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने गांव के ही कालूराम पुत्र गंगाराम मेघवाल पर चोरी का संदेह जताया है।
थानाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि जेठी देवी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि 8 मई 2025 की रात वे अपने तीन साल के दोहिते के साथ घर में अकेली थीं। रात लगभग नौ-दस बजे वे अपने कमरे में ताला लगाकर सो गईं। अगली सुबह जब वे उठीं तो उन्होंने पाया कि कमरे का ताला गायब था। कमरे के अंदर संदूक खुली पड़ी थी।
जेठी देवी के अनुसार, संदूक में रखा एक थैला गायब था, जिसमें सोने का लुंग, सोने की अंगूठी, चांदी का बोरिया, उनके बेटे ओमप्रकाश की बहू के एक जोड़ी सोने के बाजूबंद, एक चांदी की तागड़ी, चांदी की एक जोड़ी पायल, एक जोड़ी सोने के बाले और उनकी दो बेटियों के एक-एक जोड़ी सोने के बाले थे। उन्होंने बताया कि गहनों की खाली डिब्बियां उनके घर के पास ही स्थित एक सूने घर के बाहर मिलीं, जहाँ अज्ञात पैरों के निशान भी थे।
जेठी देवी ने पुलिस को बताया कि चोरी की जानकारी होने पर गांव के लोगों ने चोर और चोरी हुए सामान की तलाश की। उन्हें पता चला कि कालूराम पुत्र गंगाराम मेघवाल घटना के दिन से ही गांव से गायब है, जिसके कारण उन्हें उस पर संदेह है।
पुलिस ने जेठी देवी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच हैड कांस्टेबल रामस्वरूप को सौंप दी है। अब यह देखना होगा कि पुलिस की जांच इस मामले में क्या खुलासा करती है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।