मदनलाल शर्मा, जिनकी उम्र लगभग 60 वर्ष थी, सेरूणा गांव के निवासी थे और ग्वार-गम के बड़े व्यापारी माने जाते थे। जानकारी के अनुसार, उनकी मोहनगढ़ मंडी में पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से दुकान थी। इसके अतिरिक्त, बीकानेर और जोधपुर मंडियों में भी उनकी आढ़त की दुकानें थीं।
घटना की जानकारी सबसे पहले पुजारी पोकर पुरी को मिली, जो दिवाली की राम-राम करने दुकान पर पहुंचे थे। उन्होंने तुरंत आसपास के व्यापारियों को सूचित किया, जिन्होंने पुलिस को खबर दी।
जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक शिव हरे और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है और मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस अज्ञात हत्यारों और हत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
व्यापारियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और भय व्याप्त है। मृतक के पुत्र भी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, दीपावली की रात को धारदार हथियार से गला रेतकर इस नृशंस हत्या को अंजाम दिया गया है।
जैसे ही सेरूणा गांव में इस घटना की खबर पहुंची, परिवार में मातम पसर गया। मदनलाल शर्मा के परिजन और ग्रामीण जैसलमेर के लिए रवाना हो गए हैं। इस घटना ने श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है, और हर कोई इस जघन्य अपराध के पीछे की सच्चाई जानने को व्याकुल है।