व्यापार मंडल के अध्यक्ष ओमप्रकाश भादू ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि मंडी में कृषि उत्पादों की आवक बढ़ने पर दो बोलियां एक साथ शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों और व्यापारियों दोनों को सुविधा होगी और माल की खरीद-बिक्री में तेजी आएगी। इसके साथ ही, आवक बढ़ने की स्थिति में मंडी का दूसरा गेट भी खोलने का प्रस्ताव पारित किया गया है, जिससे मंडी में जाम की स्थिति से बचा जा सके।
मंडल ने यह भी निर्णय लिया है कि मंडी के गेट रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक किसानी माल के लिए बंद रहेंगे। अध्यक्ष भादू ने क्षेत्र के किसानों से आग्रह किया है कि वे मूंगफली की चुगाई करके ही मंडी में लाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मूंगफली की ढेरी में लकड़ी या पत्थर पाए जाने पर उसकी बोली नहीं लगाई जाएगी, इसलिए किसान खेत से माल भरवाने से पहले ही कंकड़, पत्थर और लकड़ी की चुगाई अवश्य कर लें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अतिरिक्त, सोमवार को श्रीडूंगरगढ़ कृषि मंडी व्यापार मंडल के सदस्यों ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मंडी से सरकारी खरीद केंद्र को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की गई है। व्यापारियों का कहना है कि खरीद केंद्र मंडी में होने से व्यापारियों के प्रति अनावश्यक रूप से नकारात्मक माहौल बन जाता है, जबकि मंडल का कोई भी व्यापारी खरीद में मूंगफली नहीं तुलवाता है। उनका मानना है कि मंडी से बाहर केंद्र होने से व्यापारी वर्ग सहज होकर अपना कार्य कर सकेगा।
ज्ञापन में व्यापारियों ने क्षेत्र में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मंडी परिसर में फोगिंग करवाने, मूंगफली की आवक बढ़ने के दौरान घुमचक्कर से मंडी तक यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करवाने के लिए पुलिस कर्मियों की तैनाती करने, नगरपालिका को घुमचक्कर से रेलवे स्टेशन तक रोड लाइट लगवाने और मंडी गेट के पास दो स्पीड ब्रेकर बनवाने के निर्देश देने की भी मांग की है।
उपखंड अधिकारी ने व्यापारियों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिससे व्यापारियों में संतोष का भाव है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन मांगों पर कितनी जल्दी अमल करता है और मंडी में व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।