श्रीडूंगरगढ़ की माटी ने उस सपूत का सम्मान किया जिसने अपनी लेखनी और कर्म से राजस्थानी भाषा को पहचान दिलाने के लिए अथक प्रयास किए। सुरतगढ़ श्रीडूंगरगढ़ ONE के प्रधान संपादक और साहित्यकार मनोज स्वामी सूरतगढ़ का अभिनंदन श्रीडूंगरगढ़ में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में किया गया। उन्हें एक लाख रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर, गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति ने भी उनके कार्यों की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया। समिति के सदस्यों ने उन्हें शॉल ओढ़ाई और स्मृति चिन्ह भेंट किया। मनोज स्वामी लम्बे समय से इस समिति की सुरतगढ़ इकाई से जुड़े रहे हैं।
भादवे के महीने में आस्था का रंग गहरा होता जा रहा है। दूर-दराज के धामों के लिए पद यात्रियों का जत्था उमड़ रहा है। क्षेत्र के गांव दुलचासर से झोरड़ा धाम के लिए श्रद्धालुओं का एक जत्था नाचते-गाते रवाना हुआ। संघ के सदस्यों का कहना है कि वे बुधवार को झोरड़ा पहुंचकर बाबा हरिराम जी के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करेंगे। रवाना होने से पहले, शनिवार की रात गांव के हरिराम जी मंदिर में विशेष पूजन का आयोजन किया गया। संघ 28 अगस्त को एक भव्य जागरण भी आयोजित करेगा, जिसमें राणेरी के प्रेमदान एंड पार्टी के कलाकार बाबा के भजनों की प्रस्तुति देंगे।
बीकानेर से दिल्ली के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलवाने में सांसद और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के प्रयासों के लिए क्षेत्रवासियों ने आभार व्यक्त किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता किशनाराम गोदारा ने बताया कि ग्राम पंचायत शेरूणा के सरपंच प्रतिनिधि एडवोकेट भरतसिंह राठौड़, जोधासर सरपंच प्रतिनिधि भंवरसिंह तंवर, पूर्व सरपंच रतनसिंह राठौड़, भाजपा देहात मंडल अध्यक्ष महेन्द्र सिंह और अन्य गणमान्य लोगों ने बीकानेर पहुंचकर श्री मेघवाल का आभार जताया और श्रीडूंगरगढ़ में इस ट्रेन के ठहराव से क्षेत्र के लोगों को होने वाले लाभों से अवगत कराया।
वंदे भारत ट्रेन के श्रीडूंगरगढ़ में ठहराव की मांग जोर पकड़ती जा रही है। विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष और भाजपा नेता रामगोपाल सुथार ने बीकानेर पहुंचकर केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की और इस मांग को पुरजोर तरीके से रखा। उन्होंने ट्रेन चलवाने के लिए श्री मेघवाल का आभार जताते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने इस ट्रेन के श्रीडूंगरगढ़ में ठहराव से क्षेत्रवासियों को होने वाले लाभों की जानकारी दी और जल्द से जल्द ठहराव सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इस पर श्री मेघवाल ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी करवाने की बात कही।
शनिवार को क्षेत्र के गांव लखासर निवासी शिवरतन के स्वास्थ्य में दिक्कत होने पर 108 पर फोन किया गया। 108 कमांड सेंटर से निर्देश मिलने पर शेरूणा 108 एम्बुलेंस गांव लखासर पहुंची और रोगी को घर से लेकर लखासर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। सूत्रों के अनुसार, यहां मामला बिगड़ गया और रोगी के साथ आए लोगों ने एम्बुलेंस चालक से रोगी को श्रीडूंगरगढ़ चिकित्सालय ले जाने की बात कही। चालक ने सरकारी नियमों का हवाला देते हुए बताया कि 108 एम्बुलेंस द्वारा रोगियों को निकटतम चिकित्सालय तक ही ले जाया जा सकता है और वहां से रेफर करने पर कमांड सेंटर द्वारा पुनः निर्देश मिलने पर ही हायर सेंटर ले जाने की अनुमति है। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और रोगी के साथ आए लोगों ने एम्बुलेंस ड्राइवर के साथ कथित तौर पर गाली-गलौच और मारपीट की धमकी दी। इस संबंध में 108 एम्बुलेंस के ड्राइवर अरिवंद चौधरी ने रोगी के साथ आए अज्ञात लोगों के खिलाफ शेरूणा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। चौधरी का कहना है कि सरकारी नियमों के अनुसार ही एम्बुलेंस चल सकती है और बिना कमांड सेंटर के निर्देश के एम्बुलेंस नहीं ले जा सकते। लेकिन आमजन यह समझने के बजाए आए दिन एम्बुलेंस चालकों से उलझ जाते हैं।