श्रीडूंगरगढ़, 25 नवंबर 2025। श्वेतांबर तेरापंथ के नौवें आचार्य, आचार्य तुलसी के 100वें दीक्षा दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर तेरापंथ महिला मंडल की सदस्याओं ने एक अनूठी पहल करते हुए स्थानीय साहित्यकारों और प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मानित किया।
महिला मंडल ने आचार्य तुलसी के जीवन पर आधारित, आचार्य महाप्रज्ञ द्वारा रचित पुस्तक “धर्मचक्र का प्रवर्तन” भेंट कर इन विभूतियों का अभिनंदन किया। यह सम्मान अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय लोगों को आचार्य तुलसी के विचारों और कार्यों से परिचित कराना था।
इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष मानमल शर्मा, उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा, राष्ट्र भाषा प्रचार समिति के अध्यक्ष श्याम महर्षि और चेतन स्वामी को यह महत्वपूर्ण कृति भेंट की गई।
श्याम महर्षि ने इस अवसर पर आचार्य तुलसी के सामाजिक और आध्यात्मिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आचार्य तुलसी ने 100 से अधिक पुस्तकों की रचना कर साहित्य जगत में एक अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने अणुव्रत के माध्यम से समाज को एक नई दिशा दी और उन्हें युग प्रधान की उपाधि से सम्मानित किया गया, जो उनके महान योगदान को दर्शाता है।
तेरापंथ महिला मंडल की मंत्री ने बताया कि आचार्य तुलसी ने समाज को कई अनमोल उपहार दिए, जिनमें अणुव्रत और नारी शिक्षा एवं उत्थान सबसे महत्वपूर्ण हैं। “धर्मचक्र का प्रवर्तन” पुस्तक उनके जीवन की गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।
इस पुस्तक भेंट कार्यक्रम में महिला मंडल अध्यक्ष मंजू देवी बोथरा, मंत्री अंबिका डागा और तेरापंथ महिला मंडल की अन्य पदाधिकारी और कार्यसमिति सदस्य भी उपस्थित थीं। इस आयोजन ने आचार्य तुलसी के विचारों को आगे बढ़ाने और समाज में साहित्य और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक सार्थक प्रयास किया।